इस साल दिवाली बोनस को यहां करें निवेश, मिलेगा ज्यादा फायदा, पैसा रहेगा सुरक्षित



फेस्टिव सीजन में कर्मचारियों को दिवाली बोनस (Diwali Bonus) का इंतजार रहता है. यह साल का वह समय होता है जब अधिकांश वेतनभोगी कर्मचारियों को अपने नियोक्ताओं से दिवाली बोनस प्राप्त होता है. अधिकांश कर्मचारी Diwali Bonus का उपयोग त्योहारों पर खरीदारी के लिए करते हैं. अगर यह राशि हर साल निवेश की जाती है तो यह लंबी अवधि में एक बड़ा फंड बन सकती है. यह आपके रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा और शादी जैसे आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में आपकी मदद कर सकती है.

इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप अपने खर्चों को एक तरफ रख दें और अपने बोनस को वेल्थ जनरेटिंग एसेट्स में निवेश करने की सोचें. आइए जानते हैं अपने दिवाली बोनस को निवेश का सही विकल्प क्या हो सकता है?

>> फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit- FD)

अगर आप जोखिम से बचने वाले निवेशक हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) आपके लिए सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है. फिलहाल, बैंक लंबी अवधि के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5 से 6.5 फीसदी की ब्याज दर पेशकश कर रहे हैं. हालांकि, इससे पहले कि आप FD में अपना बोनस डालने का फैसला लें, बैंकों और पोस्ट ऑफिस द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों की तुलना करना हमेशा बेहतर होता है.
>> म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds)

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपके पास बाजार की अस्थिरता को पचाने की क्षमता है तो लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए यह सबसे अच्छा एसेट क्लास है. डेट म्यूचुअल फंड की तुलना में इक्विटी म्यूचुअल फंड में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है, लेकिन इक्विटी एमएफ योजनाओं में लंबी अवधि में महंगाई को मात देने वाले रिटर्न उत्पन्न करने की क्षमता है. इसलिए अगर आप लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए बचत कर रहे हैं, तो आप अपने दिवाली बोनस को इक्विटी एमएफ योजनाओं में निवेश कर सकते हैं. शुरुआत करने के लिए आप इंडेक्स फंड चुन सकते हैं, जो कम अस्थिर होते हैं.
सोना और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Gold & SGB)

भारत में फिजिकल सोना (Gold) खरीदने के लिए विशेष रूप से धनतेरस (Dhanteras) और दिवाली के दौरान इस त्योहारी सीजन को सबसे अच्छा समय माना जाता है. इस मौके पर लोग सोने के सिक्के (Gold Coin) खरीदना पसंद करते हैं. हालांकि जानकारों का कहना है कि अगर आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं तो सोना खरीदने के बजाय सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds- SGB) में निवेश करना बेहतर है.

SGB ​​खरीदने के कई फायदे हैं क्योंकि लेनदेन पर ट्रांजैक्शन चार्ज जीरो है और आपको निवेश राशि पर 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है. साथ ही, अगर आप मैच्योरिटी तक एसजीबी रखते हैं, तो कोई कैपिगेन टैक्स नहीं लगाया जाता है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ​​में मिनिमम 1 ग्राम सोना खरीद सकते है. एक वित्त वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 4 किलोग्राम सोना खरीद सकता है. वहीं, एचयूएफ 4 किलोग्राम और ट्रस्टों व समान संस्थाएं 20 किलोग्राम तक सोना खरीद सकते हैं.


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