बिहार में नदियों से सीधे बालू उठाव पर रोक समाप्त, अब पुराने दर पर मिलेगा बालू


 पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बरसात के मौसम में तीन माह तक नदियों से सीधे बालू उठाव पर लगाया गया रोक अब समाप्त हो गया है. सोमवार से आम लोगों को अब पुराने दर पर ही नदी से सीधा बालू का उठाव किया जा सकेगा.

पर्यावरण को लेकर एक जुलाई से 30 सितंबर तक हर साल नदियों से सीधे बालू उठाव पर रोक लगाया जाता है. इसको लेकर जिले भर के सभी 59 बालू घाटों पर वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गयी है. बालू के स्टॉक प्वाइंट से तीन माह तक लोगों को बालू आपूर्ति की गयी थी. अब नदियों से बालू उठाव का रास्ता साफ होते ही बालू के लिए नदियों में वाहनों का जमावड़ा लगने लगा है.

हालांकि इस तीन माह में नदियों से सीधे बालू उठाव पर रोक के बाद अवैध खनन को लेकर विभागीय कार्रवाई भी तेज रही. इस दौरान कई बार बालू माफियाओं ने विभाग व पुलिस प्रशासन पर हमला भी किया. डीएम द्वारा हर बार बालू के अवैध खनन को लेकर समीक्षा की जाती है, बावजूद इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है.


अब बालू उठाव का रास्ता साफ तो हो गया, लेकिन माफियाओं को रोकने की कार्रवाई सख्त नहीं हुई है. पुराने संवेदक जय माता दी के द्वारा जिले में बालू उठाव का टेंडर है. जिसका सरकार के निर्देश पर छह माह का विस्तार किया गया है. इसे सरकार ने विस्तार करते हुए 31 मार्च तक कर दिया गया है, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 तक निर्धारित है.

जिले में सात नदियों के 59 घाटों से होता है बालू का उठाव

पूरे जिले में सात नदियों से बालू का उठाव किया जाता है. जिले में धाधर नदी, तिलैया नदी, पंचाने नदी, खुरी नदी, धनार्जय नदी, सकरी नदी तथा नाटी नदी है. इन सात नदियों के 59 घाटों से बालू का उठाव किया जाता है.


जुर्माने के लिए विभागीय स्तर से निर्धारित की गयी राशि

अवैध बालू खनन में संलिप्त वाहनों के पकड़े जाने के बाद विभागीय क्षति के हिसाब से जुर्माना का दर निर्धारित किया गया है. इसमें प्रति ट्रैक्टर 15 हजार 500 तथा बालू वाले ट्रकों से 35 हजार से 65 हजार तक बालू मात्रा के हिसाब से जुर्माना राशि वसूला जाता है.

सरकार का पत्र आने में विलंब से तीन दिन टेंडर विस्तार में हुई देरी

सरकार द्वारा हर बार 30 सितंबर तक बालू उठाव पर रोक के बाद एक अक्टूबर को बालू उठाव का आदेष मिल जाता था. लेकिन, इस बार अपरिहार्य कारणों की वजह से एक दिन बाद संवेदक व जिला खनन विभाग को पत्र मिला है. इसकी वजह से बालू उठाव शुरू करने में तीन दिन विलंब हुआ है. हालांकि देर से ही सही, पर नदी से बालू उठाव का आदेश पुराने संवेदक जय माता दी को फिर से मिलने के बाद आम लोगों को बड़ी राहत मिल गयी है.

जुलाई से सितंबर तक रोक से पूर्व जिस दर पर लोगों को बालू की आपूर्ति की जाती थी, उसी दर पर बालू बिक्री किये जाने की बात संवेदक जय माता दी के गोपाल प्रसाद ने बतायी. उन्होंने बताया कि इसके लिए अब लोगों को स्टॉक प्वाइंट से बालू की खरीदारी करने की जरूरत नहीं है. नदी से सीधे बालू मंगा सकते हैं.

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