बि‍हार में हुए सबसे बड़े घोटाले में घोटालेबाजों ने हवा में 'उड़ा' दिए पांच करोड़ रुपये, ऐसे उजागर हुआ था घोटाला

 नेताओं और अधिकारियों की हवाई यात्रा के सुबूत हैं।

सृजन घोटाला उजागर होने के पूर्व अधिकारियों, नेताओं और सृजन के कर्मचारियों ने बेहिसाब हवाई यात्राएं की। यात्रा भले ही पटना, कोलकाता, जयपुर, बेंगलुरु, मुंबई या मद्रास से करनी हो, लेकिन टिकट भागलपुर से ही बनाए जाते थे। हवाई यात्रा पर लगभग पांच करोड़ रुपये की राशि उड़ाई गई। घोटाला उजागर होने के पूर्व यहां एक ट्रैवल एजेंसी सक्रिय थी। इसका मुख्य पेशा रेल के साथ-साथ हवाई यात्रा का टिकट बनाना भी था। एजेंसी को टिकट तैयार करने के एवज में अलग से कुछ राशि भी दी जाती थी। घोटाला उजागर होने के कुछ दिनों बाद एजेंसी का कर्ताधर्ता जयंत कुमार रहस्यमय तरीके से अपना कारोबार बदलकर भूमिगत हो गया। सीबीआइ इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।


जयंत के पास उन तमाम नेताओं और अधिकारियों की हवाई यात्रा के सुबूत हैं। यदि वह सीबीआइ की पकड़ में आता है तो इस घोटाले के पीछे के कई सफेदपोशों के नाम भी उजागर हो सकते हैं। सृजन महिला सहयोग समिति की कर्ताधर्ता मनोरमा देवी का जयंत विश्वासपात्र भी था। उसने सृजन के माध्यम से अपने नाम पर बड़ी संपत्ति अर्जित की। उसकी पकड़ यहां तक थी कि वह दूसरे प्रदेशों में प्रतिनियुक्त आइएएस व आइपीएस अधिकारियों के घरों तक काली कमाई पहुंचाने का काम भी करता था।

2013 से 2017 के बीच के कुछ दस्तावेज सीबीआइ को मिले हैं। इनसे स्पष्ट होता है कि जयंत अक्सर उत्तर प्रदेश के वैशाली, वसुंधरा और गाजियाबाद जाकर अधिकारियों की धनराशि को निवेश कराने का काम करता था। जयंत का संबंध झारखंड की राजधानी रांची से भी रहा है। मनोरमा के पुत्र अमित कुमार और बहू प्रिया घोटाले के उजागर होने के बाद रांची शिफ्ट हो गईं। रांची में ही अमित की ससुराल है। जब तक यह मामला सीबीआइ को नहीं मिला था, तब तक जयंत का रांची आना-जाना लगा रहा था। रांची में भी घोटाले की एक बड़ी राशि के निवेश की जानकारी सीबीआइ को मिली है। ट्रैवल एजेंट के पकड़ में आने के बाद इस घोटाले के अंदर छिपे अन्य तथ्य भी उजागर हो पाएंगे।

ऐसे उजागर हुआ था सृजन घोटाला

सृजन महिला विकास सहयोग समिति की स्थापना मनोरमा देवी ने की थी। वर्ष 2000 में सृजन घोटाले की नींव पड़ी थी। विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से राज्य व केंद्र द्वारा जिला प्रशासन को भेजी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की रकम समिति के खाते में स्थानांतरित की जाती थी। अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी बैंक खातों से रुपये सृजन के खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे। संदेह होने पर भागलपुर के जिलाधिकारी आदेश तितरमारे ने जांच टीम का गठन किया था। उस जांच से सात अगस्त 2017 को 2200 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। वह सृजन घोटाले के नाम से चर्चित हुआ।

ये खबरें भी पढ़ें

  • रेलवे ने रातों रात लिया बड़ा फैसला, आज से 8 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू
  • Punjab, Ludhiana, Jalandhar, Amritsar, Patiala, Sangrur, Gurdaspur, Pathankot, Hoshiarpur, Tarn Taran, Firozpur, Fatehgarh Sahib, Faridkot, Moga, Bathinda, Rupnagar, Kapurthala, Badnala, Ambala,Uttar Pradesh, Agra, Bareilly, Banaras, Kashi, Lucknow, Moradabad, Kanpur, Varanasi, Gorakhpur, Bihar, Muzaffarpur, East Champaran, Kanpur, Darbhanga, Samastipur, Nalanda, Patna, Muzaffarpur, Jehanabad, Patna, Nalanda, Araria, Arwal, Aurangabad, Katihar, Kishanganj, Kaimur, Khagaria, Gaya, Gopalganj, Jamui, Jehanabad, Nawada, West Champaran, Purnia, East Champaran, Buxar, Banka, Begusarai, Bhagalpur, Bhojpur, Madhubani, Madhepura, Munger, Rohtas, Lakhisarai, Vaishali, Sheohar, Sheikhpura, Samastipur, Saharsa, Saran, Sitamarhi, Siwan, Supaul,Gujarat, Ahmedabad, Vadodara, Surat, Rajkot, Vadodara, Junagadh, Anand, Jamnagar, Gir Somnath, Mehsana, Kutch, Sabarkantha, Amreli, Kheda, Rajkot, Bhavnagar, Aravalli, Dahod, Banaskantha, Gandhinagar, Bhavnagar, Jamnagar, Valsad, Bharuch , Mahisagar, Patan, Gandhinagar, Navsari, Porbandar, Narmada, Surendranagar, Chhota Udaipur, Tapi, Morbi, Botad, Dang, Rajasthan, Jaipur, Alwar, Udaipur, Kota, Jodhpur, Jaisalmer, Sikar, Jhunjhunu, Sri Ganganagar, Barmer, Hanumangarh, Ajmer, Pali, Bharatpur, Bikaner, Churu, Chittorgarh, Rajsamand, Nagaur, Bhilwara, Tonk, Dausa, Dungarpur, Jhalawar, Banswara, Pratapgarh, Sirohi, Bundi, Baran, Sawai Madhopur, Karauli, Dholpur, Jalore,Haryana, Gurugram, Faridabad, Sonipat, Hisar, Ambala, Karnal, Panipat, Rohtak, Rewari, Panchkula, Kurukshetra, Yamunanagar, Sirsa, Mahendragarh, Bhiwani, Jhajjar, Palwal, Fatehabad, Kaithal, Jind, Nuh, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, #बिहार, #मुजफ्फरपुर, #पूर्वी चंपारण, #कानपुर, #दरभंगा, #समस्तीपुर, #नालंदा, #पटना, #मुजफ्फरपुर, #जहानाबाद, #पटना, #नालंदा, #अररिया, #अरवल, #औरंगाबाद, #कटिहार, #किशनगंज, #कैमूर, #खगड़िया, #गया, #गोपालगंज, #जमुई, #जहानाबाद, #नवादा, #पश्चिम चंपारण, #पूर्णिया, #पूर्वी चंपारण, #बक्सर, #बांका, #बेगूसराय, #भागलपुर, #भोजपुर, #मधुबनी, #मधेपुरा, #मुंगेर, #रोहतास, #लखीसराय, #वैशाली, #शिवहर, #शेखपुरा, #समस्तीपुर, #सहरसा, #सारण #सीतामढ़ी, #सीवान, #सुपौल,

    Post a Comment

    0 Comments