जरा संभलकर, बदलते मौसम में वायरल का खतरा, जानिए क्‍या हैं लक्षण




नई दिल्ली: मौसम में बदलाव होते ही बीमारियां भी बढ़ने लगी है। इन दिनों जिला नागरिक अस्पताल में लोग वायरल फीवर को लेकर इलाज लेने के लिए आ रहे हैं। बच्चों व बुजुर्गों के साथ-साथ युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। खांसी, जुकाम व बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में आने वाला हर चौथा से पांचवां मरीज वायरल फीवर से पीड़ित है। इलाज को लेकर ओपीडी के बाहर लंबी कतार नजर आती है।

इनमें काफी लोग तो बिना मास्क के नजर आते हैं। दो गज की दूरी का भी ख्याल नहीं रखा जाता। ऐसे में विभाग को भी कोरोना संक्रमण बढ़ने का डर सता रहा है, हालांकि विभाग की तरफ से बिना मास्क वालों के चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं। ओपीडी ही नहीं रजिस्ट्रेशन करवाने व दवाई लेने के लिए भी लोग लंबी कतारों में नजर आते हैं।

सिविल अस्पताल के फिजिशियन डा. राजीव मित्तल बताया कि मौसम में बदलाव आने से के बाद वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लोग बुखार होने पर अस्पताल में आकर इलाज लें। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के दवाई न लें। इस मौसम में राहत के लिए लोग एसी चला लेते हैं और अचानक बाहर निकलते हैं तो सर्द-गर्म हो जाता है। टाइफाइड दूषित पानी पीने से होता है। पिछले कुछ दिनों से वायरल और टाइफाइड के मरीज बढ़े हैं। बुखार के मरीजों की एहतियात के तौर पर कोरोना जांच भी कराई जा रही है। डा. राजीव ने बताया कि खान-पान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। कोरोना का प्रकोप काफी कम हो चुका है, लेकिन बुखार, नजला-जुकाम हो तो जांच जरूर कराएं। चिकित्सक की सलाह के बिना पैरासिटामोल के अलावा कोई दवा न लें।

Post a Comment

0 Comments