आज जिनका जन्मदिन है, जानें कैसा रहेगा आने वाला साल

आज आपके जन्मदिन की आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 2 जून में जन्में व्यक्तियों का मूलांक 2 होता है, जिनके स्वामी चंद्र देव हैं। मूलांक 2 वाले जातक साफ हृदय वाले होते हैं। इनका मन बहुत कोमल होता है। ये लोग दूसरे के साथ बहुत नरमी से पेश आते हैं। मूलांक 2 वाले जातक मृदुभाषी होते हैं। ये लोग अपनी बातों से दूसरों को अपना बना लेते हैं। मूलांक 2 वाले जातकों के चेहरे पर चंद्रमा के समान सुंदर कांति होती है। इनकी आभा आकर्षक होती है। मूलांक 2 वाले जातक हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। ये लोग बहुत ही भावुक और संवेदनशील होते हैं। इनकी संवेदनशीलता का स्तर इतना गहरा होता है कि हर छोटी से छोटी बात इन्हें आहत कर जाती है। हालांकि फिर भी ये लोग दूसरों का बुरा नहीं चाहते। मूलांक 2 वाले जातक प्रत्येक परिस्थिति में स्वयं को ढालने की क्षमता रखते हैं। इन लोगों की कल्पना शक्ति गहरी एवं उत्तम होती है। इन्हें एक अच्छे कवि के रूप में भी अच्छी कविताओं की रचना करते हुए देखा गया है।



आज जिन जातकों का जन्मदिन है इस वर्ष काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। व्यापारिक स्तर पर दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए सावधानी बरतें। जून के महीने में किसी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है। पिता की सेहत का ख्याल रखें। कोई अनैतिक कार्य करने से बचें। व्यर्थ ही मानहानि का सामना करना पड़ सकता है। जुलाई के महीने में कारोबार में तरक्की के योग बनते हैं। वाणी पर संयम रखें। अगस्त के महीने का समय व्यावसायिक जीवन के लिए अच्छा रहेगा। आपके कार्य सफल होंगे। घर में बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखें। सितंबर के महीने में अकस्मात ही कुछ अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। अक्टूबर के महीने में किसी की कही सुनी बातों में आकर कोई शॉर्टकट अपनाने से बचें। नवंबर के महीने में बेकार के शक के कारण प्रेम संबंधों में खटास आ सकती है। दिसंबर के महीने में मन अशांत रहेगा। मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वर्ष 2022 में जनवरी और फरवरी के महीने का समय विवाह योग्य जातकों के लिए शुभ है। मार्च के महीने में यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। अप्रैल के महीने में काम ज्यादा रहेगा। आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। मई के महीने में साहसिक कार्य में सफलता प्राप्त होगी। सामाजिक कार्य में भागीदार बन सकते हैं।



उपाय- इस वर्ष के शुभ फल प्राप्त करने के लिए काले और नीले रंग से परहेज करें।

शनि देव जी के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

किसी भी प्रकार की ली गई सेवा के शुल्क का भुगतान समय पर करें।

काली उड़द की दाल जल प्रवाह करें।

परनिंदा से परहेज करें।

कानों में सोना धारण करें।

यथासंभव चांदी के पात्र में जल पिएं।

पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

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