Corona: अमरीका से सुरक्षित हिंदुस्तान, जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय की ओर से किए गए विश्लेषण में दावा


देश में कोरोना संक्रमण से हालात अभी भी भयावह बने हुए हैं। हर दिन तीन लाख से साढ़े तीन लाख के करीब या इससे ज्यादा नए केस आ रहे हैं और करीब चार हजार संक्रमितों की जान जा रही है। कोरोना के केस बढ़ने के कारण कई राज्यों में लॉकडाउन लगाना पड़ा है। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत अभी भी दुनिया के कई देशों की तुलना में बेहतर जगह है। अमरीका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने दुनिया तमाम देशों के डाटा का विश्लेषण करते हुए एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारत अब भी सबसे सुरक्षित देशों में से एक है। फ्रांस, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, अमरीका स्वीडन, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों की तुलना में भारत ज्यादा सुरक्षित देश है।

बेल्जियम में प्रति एक लाख की जनसंख्या के आधार पर सबसे ज्यादा मौतें

यूनिवर्सिटी ने कुल संक्रमितों के आधार पर मृत्यु दर और प्रति एक लाख की जनसंख्या के आधार पर मृत्यु दर आंकड़े जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि बेल्जियम में प्रति एक लाख की जनसंख्या के आधार पर 214 मौतें, इटली में 204, ब्रिटेन में 191 और अमरीका में 177 मौतें हो रही हैं, जबकि भारत में प्रति एक लाख की जनसंख्या के आधार पर मौतों का आंकड़ा 18.01 है। फ्रांस में प्रति एक लाख की जनसंख्या पर मौतों का आंकड़ा 159, स्वीडन में 138 और स्विट्जरलैंड में 125 है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने ऐसे 20 देशों की लिस्ट जारी की है। गौरतलब है कि भारत कुल संक्रमितों के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर है।

आस्ट्रेलिया ने भेजी दूसरी खेप

केनबरा। आस्ट्रेलिया ने कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में भारत को बतौर सहायता मेडिकल उपकरणों की दूसरी खेप भेजी है। आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बेरी ओफरेल ने ट््वीट कर कहा कि आस्ट्रेलिया से एक और फ्लाइट मेडिकल उपकरणों की एक और खेप लेकर भारत पहुंचा है। हम इस चुनौतीपूर्ण समय में अपने भारतीय मित्रों के साथ एकजुट हैं। आस्ट्रेलिया से भारत भेजी गई मेडिकल उपकरणों दूसरी खेप में 1056 वेंटिलेटर और 60 ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स शामिल है।


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