रेमडेसिविर की उत्पादन क्षमता में इजाफा, प्रतिमाह 38 लाख से बढ़कर हुई 1.19 करोड़ शीशी





नई दिल्ली। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की उत्पादन क्षमता 38 लाख शीशी प्रतिमाह से बढ़कर करीब 1.19 करोड़ शीशी (वाइल) प्रतिमाह हो गई है। बता दें कि 11 अप्रैल, 2021 से रेमडेसिविर के निर्यात पर प्रतिबंध है।

भारत में रेमडेसिविर का उत्पादन सात दवा कंपनियों द्वारा किया जाता है। ये कंपनियां गिलीड लाइफ साइंसेज से मिले स्वैच्छिक लाइसेंस के तहत उत्पादन कर रही हैं। इन कंपनियों में सिप्ला, डा. रेड्डीज, हेटेरो, जुबिलेंट फार्मा, माइलान, सिंजेने और जाइडस कैडिला शामिल हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दवा का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी सातों कंपनियों से तुरंत रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने को कहा गया। दवा का उत्पादन बढ़ाने के लिए 38 अतिरिक्त स्थलों पर विनिर्माण कार्य शुरू किया गया। इसके साथ ही रेमडेसिविर का उत्पादन करने वाले मंजूरी प्राप्त उत्पादन स्थलों की संख्या 22 से बढ़कर 60 तक पहुंच गई। विदेश मंत्रालय की मदद से उत्पादकों को जरूरी कच्चे माल और सामान की विदेश से आयात सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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