IPL 2021: बदले नाम के साथ क्या बदलेगी पंजाब किंग्स की किस्मत, चैंपियन खिलाड़ियों से सजी है टीम




आईपीएल के पिछले छह सीजन में प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही पंजाब किंग्स (पहले किंग्स इलेवन पंजाब) टीम इस सीजन में अंतिम-4 में जगह बनाना चाहेगी।

पंजाब की टीम पिछले सत्र में प्लेऑफ में जगह बनाने के काफी करीब थी लेकिन उसे अंत में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीदें टूट गई। पंजाब पिछले सीजन में छठे स्थान पर रहा था।

पंजाब की टीम ने इस सीजन में टीम के नाम में परिवर्तन किया है और उम्मीद की जा रही है कि इससे उन्हें कुछ फायदा मिले। इस सीजन में उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाजी क्रम में पॉवर हिटिंग है, विशेषकर पारी के अंत के समय में।

कप्तान लोकेश राहुल, मयंक अग्रवाल और क्रिस गेल ने पिछले सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे उनका शीर्ष क्रम मजबूत है लेकिन मध्यक्रम में उसे संघर्ष करना पड़ा था।

पंजाब के ऑलराउंडर रहे ग्लेन मैक्सवेल ने पिछले सीजन में निराश किया था जिसके कारण टीम ने इस सीजन के लिए उन्हें रिलीज कर दिया था। मैक्सवेल इस सत्र में रॉयल चैलेंजर बेंगलोर के लिए खेलेंगे।

हालांकि पंजाब ने इस बार खिलाड़ियों की नीलामी में कई खिलाड़ियों को खरीदा जिससे ना सिर्फ उसका मध्यक्रम और निचला क्रम मजबूत होगा बल्कि तेज गेंदबाजी आक्रमण में भी उसे मदद मिलेगी।

पंजाब ने टीम में विश्व के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज इंग्लैंड के डेविड मलान तथा मुश्ताक अली टी20 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शाहरूख खान को शामिल किया है।

इसके अलावा उसने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज झाई रिचर्डसन को 14 करोड़ रूपये और रिले मेरेदिथ को आठ करोड़ रूपये में टीम में लिया था। पंजाब ने ऑलराउंडर मोएसेस हेनरिक्स को भी लिया जिन्होंने भारत के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन किया था। पंजाब के लिए परेशानी समीकरण साधना है क्योंकि आईपीएल में किसी भी टीम में सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों को खेलने की ही इजाजत है।

भारतीय खिलाड़ियों के होने से ही उसका गेंदबाजी आक्रमण संतुलित है। स्पिनर रवि बिश्नोई और एम अश्विन ने पिछले सीजन में बेहतर किया था। एक तथ्य यह भी है कि टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले उसके क्रिकेट ऑपरेशन के निदेशक हैं जिससे स्पिनरों को बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है।

तेज गेंदबाजी आक्रमण में उसके पास मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाज हैं जो पिछले सत्र में पंजाब के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। वह चोटिल होने के बाद वापसी कर रहे हैं जिसके कारण वह ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज से बाहर रहे थे।

शमी ने हाल ही में आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में शानदार वापसी का भरोसा जताया था। इस बीच राहुल का नेतृत्व भी देखने लायक होगा। राहुल ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने पिछले सीजन के अंत में राहुल के नेतृत्व की प्रशंसका की थी। पंजाब किंग्स का इस सीजन में पहला मुकाबला राजस्थान रॉयल्स के साथ 12 अप्रैल को होगा।

पंजाब किंग्स की टीम इस प्रकार है :

लोकेश् राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), मयंक अग्रवाल, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), सरफराज खान, दीपक हुडा, मुरुगन अश्विन, रवि बिश्नोई, हरप्रीत बररार, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, इशान पोवेल, दर्शन नालकंडे, क्रिस जॉर्डन, डेविड मलान, जाई रिचर्डसन, शाहरूख खान, रिले मेरेदिथ, मोएसेस हेनरिक्स, जलज सक्सेना, उत्कर्ष सिंह, फेबियन एलेन और सौरभ कुमार।

सहायक स्टाफ : अनिल कुंबले (क्रिकेट ऑपरेशन निदेश्क), एंडी फ्लावर (सहायक कोच), अविनाश वैद्य (क्रिकेट ऑपरेशन जनरल मैनेजर), वसीम जाफर (बल्लेबाजी कोच), जोंटी रोड्स (फील्डिंग कोच), डेमिएन राइट (गेंदबाजी कोच)।

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