क्या आप जानते हैं ‘फेरे लेने से पहले क्यों किया जाता है दूल्हे-दुल्हन का गठबंधन’ जानिए



चाहे लड़का हो लड़की शादी उनके जीवन का सबसे यादगार पल होता है। लेकिन हिन्दू शादी में अनेक रस्मों रिवाज निभाए जाते हैं जिनके बिना शादी अधूरी मानी जाती है। शादी में सबसे महत्वपूर्ण रस्म है अग्रि के सामने सात फेरे लेने की और उससे पहले दूल्हा-दुल्हन के गठबंधन की। विवाह के समय सात फेरे लेते समय दूल्हे के कंधे पर सफेद टुपट्टा रखकर दुल्हन के साड़ी के पल्लू से बांधा जाता है।

क्यों किया जाता है दूल्हे-दुल्हन का गठबंधन

फेरों से पहले दोनों का गठबंधन किया जाता है। अब दोनों एक दूसरे से जीवन भर के लिए बंध गए। गठबंधन के समय वर के पल्ले में सिक्का, हल्दी, पुष्प, दुर्वा और चावल रखकर गांठ बांधी जाती है। जिसका अर्थ यह है कि धन पर किसी एक का पूर्ण अधिकार नहीं होगा बल्कि खर्च करने में दोनों की सहमति आवश्यक है।

पुष्प फूल का अर्थ है कि दूल्हा-दुल्हन जीवन भर एक दूसरे को देखकर प्रसन्न रहें। हल्दी आरोग्यता का प्रतीक है। दुर्वा का अर्थ यह जानना चाहिए कि नव दम्पति जीवन भर कभी न मुरझाये बल्कि दुर्वा की तरह सदैव हरे भरे रहें।


चावल का मतलब अन्न यह संदेश देता है कि परिवार और समाज के प्रति सेवाभाव रखें। घर में अन्न का भंडार भरा रहे और कभी कोई भुखा ना रहे। यही शादी में गठबंधन का कारण है।

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