बायो बबल पर BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली बोले:भारतीय खिलाड़ी मानसिक रूप से ज्यादा मजबूत और सहनशील, हर चैलेंज का सामना करने में पूरी तरह सक्षम

  सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में ज्यादा सहनशील होते हैं। - Dainik Bhaskar

सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में ज्यादा सहनशील होते हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (‌‌BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने यह स्वीकार किया है कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक बायो बबल में रहना मुश्किल चुनौती है। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय काफी सहनशील होते हैं और हर चैलेंज के लिए तैयार रहते हैं। इसलिए उन्हें नहीं लगता है कि लगता कि IPL में भारतीय सितारों को खास परेशानी होगी। हाल ही में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि बायो- बबल में रहना मुश्किल होता है। विराट ने खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता भी जताई थी।

जल्द तालमेल बिठा लेते हैं भारतीय

गांगुली ने कहा कि मुझे पता है कि बायो-बबल में रहना मुश्किल है। यह आसान नहीं है। लेकिन भारतीय परिस्थितियों से जल्दी तालमेल बैठा लेते हैं। कोरोना के बीच जब से इंटरनेशनल क्रिकेट शुरु हुए हैं, तब से खिलाड़ियों को बायो-बबल में रहना पड़ रहा है। वे होटल से स्टेडियम तक ही जा सकते हैं। वे बाहरी लोगों के संपर्क में नहीं आ सकते हैं। गांगुली ने कहा, ‘मैं इंग्लैंड, वेस्टइंडीज,ऑस्ट्रेलिया सहित तमाम देशों के खिलाड़ियों के साथ खेला हूं। मुझे लगता है कि हम भारतीय विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में मानसिक रूप से ज्यादा मजबूत होने के साथ ही सहनशील भी होते हैं।’

ऑस्ट्रेलियाई टीम का दिया उदाहरण

गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि घरेलू सीरीज में भारत से हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया को मार्च-अप्रैल में साउथ अफ्रीका के टूर पर जाना था। लेकिन टीम के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने कोरोना की वजह से जाने से इनकार कर दिया। कोरोना के बीच जब से इंटरनेशनल क्रिकेट शुरु हुए हैं, तब से खिलाड़ियों को बायो-बबल में रहना पड़ रहा है। वे होटल से स्टेडियम तक ही जा सकते हैं। वे बाहरी लोगों के संपर्क में नहीं आ सकते हैं।

हमें सकारात्मक रहने की जरूरत

गांगुली ने कहा कि कोरोना का डर हमेशा बना हुआ है। लेकिन हमें सकारात्मक होकर सोचने की जरूरत है। हमें मानसिक रूप से भी मजबूत बनने के लिए काम करना चाहिए। हम सभी को अपने को मजबूत करने की जरूरत है। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे 2005 में कप्तानी से हटा दिया गया था। उसके बाद टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया था। लेकिन मैने हार नहीं मानी और मजबूती से वापसी की। आपको परिस्थितियों से निपटना होगा

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