अब Google और फेसबुक को न्यूज के लिए देने होंगे पैसे, इस सरकार ने पास किए नए नियम



ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा है कि मसौदा कानूनों में यह स्पष्ट करने के लिए संशोधन किया जाएगा कि Google और Facebook समाचारों के लिए पब्लिशर्स को समाचार के लिंक पर पर प्रति क्लिक के बजाय एकमुश्त राशि का भुगतान करेंगे. एक सरकारी बयान में इन विधायी बदलावों को ‘स्पष्टीकरण और तकनीकी संशोधन’ बताया गया है. ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस सख्त रवैये के सामने गूगल ने पहले ही हार मान ली थी, अब फेसबुक भी इसके लिए राजी हो गया है.

शुरुआत में जब ऑस्ट्रेलिया सरकार ने नियमों को लेकर सख्ती दिखाई तो फेसबुक ने भी अपना कड़ा रुख अपनाया और ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग समेत वहां के कई पेज बंद कर दिए. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत और कनाडा के पीएम से इस बारे में बात की, जिसके बाद फेसबुक बातचीत के लिए राजी हुआ. ऑस्ट्रेलियाई मंत्रियों ने पिछले सप्ताह के अंत में फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग और अल्फाबेट इंक और गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई के साथ चर्चा की थी.

ऑस्ट्रेलिया की कंजरवेटिव सरकार संसद का मौजूदा सत्र 25 फरवरी को संपन्न होने से पहले ‘न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड’ (समाचार मीडिया सौदेबाजी संहिता) को लागू करने की उम्मीद कर रही है. विपक्षी मध्य-वाम विचारधारा वाली लेबर पार्टी विधेयक का समर्थन करने के लिए मंगलवार को सहमत हो गई, जिससे इसे सीनेट में पारित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया. लेकिन सरकार को सीनेट में कुछ संशोधनों के सुझाव को स्वीकार करना पड़ सकता है. दरअसल, सत्तारूढ़ दल को सीनेट में बहुमत प्राप्त नहीं है.
गूगल और फेसबुक कर रहे थे विरोध

ऑस्ट्रेलिया में ऑनलाइन विज्ञापन में 81 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले गूगल और फेसबुक ने इस विधेयक की निंदा की थी. गूगल ने धमकी दी थी कि यदि यह विधेयक पेश किया गया तो ऑस्ट्रेलिया में उसका (गूगल का) सर्च इंजन अनुपलब्ध कर दिया जाएगा. फेसबुक ने भी धमकी दी है कि यदि उसे समाचार के लिए भुगतान करने को मजबूर किया गया तो ऑस्ट्रेलियाइयों को समाचखर साझा करने से रोक दिया जाएगा.
क्या है ये कानून

इस कानून का लक्ष्य डिजिटल जगत की दिग्गज कंपनियों की सौदेबाजी करने के वर्चस्व को तोड़ना है और एक मध्यस्थता समिति बनना है, जिसके पास मूल्य पर कानूनी रूप से बाध्यकारी फैसला देने का अधिकार होगा. समिति आमतौर पर डिजिटल मंच या प्रकाशक के सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव को स्वीकार करेगी और कभी-कभार ही उनके बीच मूल्य निर्धारित करेगी. इससे डिजिटल मंच और मीडिया कारोबार अवास्तविक मांग नहीं कर पाएंगे.

मध्यस्थता में तय की गई रकम पब्लिशर्स को अवश्य ही एकमुश्त भुगतान किये जाने के अलावा, नये संशोधन यह भी स्पष्ट करेंगे कि समिति डिजिटल मंचों और समाचार कारोबार की लागत पर भी विचार करेंगे.

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