इस तरह की महिलाओं से गलती से भी ना रखें रिश्‍ता, शास्‍त्रों में कहाँ गया है महा पाप..|

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इस सम्पूर्ण संसार में हिन्दू धर्म जो सबसे पवित्र धर्म माना जाता है, जो बातें इस धर्म के ग्रन्थों में हजारों करोड़ों साल पहले ही बता दिया गया था वो बाते आज विज्ञान लोगों के सामने ला रहा है। हिन्दू धर्म में हर वो ज्ञान है जिसे इंसान प्राप्त करने के लिए तरसता है। हमारे पूर्वजों की माने तो हिन्दू धर्म के ग्रंथो में लिखी गयी तमाम बातों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जीवन अनुसरण करता है तो वो जीवन में कभी भी दुःख को प्राप्त नहीं करता है। आज हम हमारे धर्म में लिखी उन बातों का नजर डालेंगे जो एक महिला और परुष के बीच होने वाले संबधों की चर्चा करती हैं।

शास्त्रों के अनुसार मनुष्य को चेतावनी दी गयी है कि यदि वह अपने मित्र की पत्नी के साथ उसकी मर्जी से या जबरदस्ती यौन सम्बन्ध बनाने की कोशिश करता है तो इसके लिए उसे मृत्यु के बाद भी कई तरह की यातनाएं झेलनी पड़ सकती हैं। ऐसा कहा जाता है की पुरुष को किसी भी ऐसी महिला के साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए जिसने खुद की मर्ज़ी से ब्रह्मचर्य अपनाया हो। इस तरह की स्त्री के साथ उसी स्थिति मे संबंध बनाना उचित होगा जब वह अपनी मर्ज़ी से ब्रह्मचर्य तोड़ती है।

पुराणो और शास्त्रों में ऐसा कहा गया है की एक पुरुष को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वह किसी कुंवारी महिला के साथ विवाह से पूर्व यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए चाहे वह उसकी मर्ज़ी से हो या फिर जबर्दस्ती। यदि किसी परिस्थिति मे ऐसा हो गया तो उसे उस स्त्री से विवाह कर लेना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार वह पुरुष दुर्लभ पाप का भागी बन जाता है जो अपनी शक्ति के बल पर शत्रु की पत्नी के साथ सम्बन्ध बनाता है।

कोई महिला जो किसी भी तरह के अपराध में शामिल है या किसी ऐसी स्त्री से जिसे वैश्या का दर्जा दिया गया हो उससे यौन संबंध बनाने की शास्त्रों में मनाही है। एक पुरुष को किसी भी परिस्थिति में अपने मित्र, सगे संबंधी या फिर अपने गुरु की पत्नी या फिर उनकी प्रेमिका से यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इसे बहुत बड़ा पाप माना गया है। हिन्दू धर्म और शास्त्रानुसार पुरुष को चाहे कैसे भी परिस्थिति रही हो ऐसी किसी भी स्त्री से सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए जिसका पति मर चुका हो।

मनुष्य को शास्त्रों में इसके लिए भी चेतावनी दी गयी है कि उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं अगर वह अपने दोस्त की पत्नी के साथ उसकी मर्जी से या जबरदस्ती यौन सम्बन्ध बनाने की कोशिश करता है। इसके लिए उसे मृत्यु के बाद के जीवन में बहुत यातनाएं झेलनी पड़ सकती हैं। आपको बता दे की किसी भी हिन्दू परिवार में जन्मे पुरुष को ख़ास तौर पर खून के रिश्तों वाली स्त्री के साथ गलती से सम्बन्ध नहीं रखना चाहिए, यह अक्षम्य पाप होता है। ऐसा कहा जाता है की किसी पुरुष को खुद से बड़ी उम्र वाली महिला से यौन सम्बन्ध बनाने के लिए जोर नहीं देना चाहिए ना ही किसी ऐसी स्त्री से जिससे वो सिर्फ धन के लालच मे सम्बंध बना रहा हो नहीं करना चाहिय क्योंकि इसे बड़ा पाप माना गया है।


किसी भी पुरुष को अपने गुरु या अपने से बड़े की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, क्योंकि यह भगवान की आँखों में एक गंभीर पाप माना जाता है क्योंकि गुरु को शास्त्रों में भगवान के सामान माना गया है। इसके साथ ही अगर कोई महिला किसी आदमी को अपने गुरु (शिक्षक, आध्यात्मिक आदि) के रूप में मानती हो तो उसके साथ किसी भी तरीके का कोई यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए।

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