नेपाल में असली ‘कम्युनिस्ट’ कौन? प्रचंड के बाद अब ओली करेंगे पांच फरवरी को शक्ति प्रदर्शन



नेपाल की राजधानी काठमांडो की सड़कों पर खुद को असली कम्युनिस्ट और ज्यादा ताकतवर दिखाने की जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के एकतरफा फैसले के बाद संसद भंग किए जाने से नाराज नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के पुष्प कमल दहल प्रचंड धड़े ने पहले सड़कों पर शक्तिप्रदर्शन किया, फिर ओली को पार्टी से निकाल दिया। अब ओली अपने समर्थकों के साथ खुद को असली कम्युनिस्ट पार्टी का नेता बताने के लिए पांच फरवरी को शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

इससे दो दिन पहले उनके समर्थन में एक मोटरसाइकिल रैली भी निकाली जाएगी। इसके लिए सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की बागमती प्रॉविन्स कमेटी ने नारायणहिति रोड पर ओली के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया है। नारायण हिति पैलेस नेपाल में राजशाही के दौरान सबसे चर्चित रहा है। ये नेपाल नरेश का महल है जो 2006 में राजशाही के खात्मे के दो साल बाद यानी 2008 में संग्रहालय बना दिया गया। यह काठमांडो के बीचोंबीच है और इसे शहर का सबसे प्रतिष्ठित केन्द्र और भीड़भाड़ वाला इलाका माना जाता है।


द हिमालयन टाइम्स की खबर के मुताबिक एनसीपी के बागमती प्रॉविन्स कमेटी के सचिव खेम प्रसाद लोहानी बताते हैं कि कार्यक्रम में 13 जिलों के कार्यकर्ता और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और ताजा राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में आम लोगों को जानकारी देंगे। संसद भंग होने के बाद मई में होने वाले चुनाव के मद्देनजर इस सभा को खासा अहम माना जा रहा है। ओली और उनके समर्थक राजनीतिक स्थायित्व के जरिये समृद्ध नेपाल के लिए आम लोगों को वोट देने की अपील के साथ यह कार्यक्रम कर रहे हैं।


इस दौरान नेपाल की परंपरागत संस्कृति को पेश करने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए जाएंगे और पार्टी से जुड़े तमाम संगठन इसमें शिरकत करेंगे। राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाले कार्यक्रमों के अलावा जगह-जगह सांस्कृतिक रैलियां भी होंगी। इसके अलावा ओली के समर्थन में 3 फरवरी को एक मोटरसाइकिल रैली भी निकाली जाएग, जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।


प्रचंड गुट ने भी किया प्रदर्शन

काठमांडो की सड़कों पर एनसीपी के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड गुट ने रविवार को भी जगह-जगह ओली सरकार की मनमानियों और जबरन संसद भंग करवाने के साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करने के खिलाफ प्रदर्शन किए। शहर के मैतीघर इलाके में दहल के साथ माधव कुमार नेपाल, नारायण काजी श्रेष्ठा, अष्ट लक्ष्मी शाक्य, पंफा भुसाल समेत तमाम नेताओं ने पार्टी का झंडा और बैनर पोस्टर लेकर ओली के खिलाफ धरना दिया। प्रचंड गुट ने ओली के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी रखा है और इसे राष्ट्रव्यापी विरोध के तौर पर अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया जा रहा है।

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