29 साल पुराने बलवंत सिंह मुल्तानी केस में तत्कालीन एसएचओ केआईपी सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल



29 साल पुराने वरिष्ठ आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण और हत्या के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को जिला अदालत में उस समय के सेक्टर-17 के एसएचओ केआईपी सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। वहीं, अदालत ने केआईपी सिंह को 26 फरवरी को सुनवाई का नोटिस जारी किया है।

एसआईटी ने केआईपी सिंह पर आईपीसी की धारा-302, 364, 201, 344, 330, 219 व 120बी के तहत चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में कहा है कि केआईपी सिंह भी बलवंत सिंह मुल्लानी पर पहले किए गए अत्याचार और उसके शव को खुदबुर्द करने के बारे में सब जानते थे, क्योंकि थाने के एसचओ और उसकी जानकारी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता। इसलिए पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी पर लगाए गए आरोप पूर्व एसएचओ पर भी लगाए गए हैं।

वहीं, जांच टीम ने पंजाब के पूर्व सब इंस्पेक्टर जागीर सिंह और थानेदार कुलदीप सिंह को सरकारी गवाह बनाया है। जबकि पूर्व सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह और सब इंस्पेक्टर हर सहाय शर्मा को जांच के बाद क्लीनचिट दे गई थी। इस मामले में नामजद पूर्व डीएसपी बलदेव सिंह सैनी और इंस्पेक्टर सतबीर सिंह की मौत हो चुकी है।

बता दें कि यह मामला 1991 का है। जब सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ में एसएसपी के पद पर तैनात थे। इस दौरान उन पर आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान उनके चार गनमैन की मौत हो गई थी। जबकि उनका बचाव हो गया था। इसके बाद इस मामले की जांच हुई थी। इसके साथ ही इस मामले की पड़ताल के लिए पुलिस ने बलवंत सिंह मुल्तानी को जबरदस्ती उनके घर से उठा लिया था। लेकिन इसके बाद वह आज तक घर नहीं पहुंचे।

इसके बाद उनके परिजनों ने बलवंत सिंह की गुमशुदगी के बारे में पता लगाने के लिए लंबी जंग लड़ी, यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। लेकिन कुछ समय के बाद उस समय के पुलिस वाले ने एक पत्रिका को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उसने बलवंत सिंह मुल्तानी का भी जिक्र किया था। इसके बाद से बलवंत सिंह मुल्तानी के परिजनों ने बलवंत का अपहरण और हत्या का केस दर्ज करवाया था।

Post a Comment

Previous Post Next Post