क्रिकेट इतिहास के सबसे गुस्सैल खिलाड़ियों की ऑल टाइम प्लेइंग XI



क्रिकेट जुनून का खेल है जहां एक खिलाड़ी हर गेंद में अपने दिल और आत्मा को समर्पित करता है और जब परिणाम अपेक्षित रूप से आगे बढ़ता है, तो अन्य मनुष्यों की तरह क्रिकेटर्स गुस्से और हताशा होने के साथ भड़क उठते हैं. उनमें से कुछ ने उस गुस्से को व्यक्त करने के लिए मौखिक और शारीरिक उपयोग किया जो कि खेल की भावना में आक्रामक हो सकते हैं.

आज इस लेख में क्रिकेट इतिहास के 11 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की प्लेइंग XI जानेगे.

1) एंड्रयू साइमंड्स



ऑस्ट्रेलिया के इस क्रिकेटर की आक्रामकता को दिखाने के लिए 1-2 फिल्में बनाई जा सकती हैं हालांकि, उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता हमेशा मैदान पर गुस्से के क्षणों के लिए कवर होती है.

साइमंड्स और विवादों का पुराना नाता रहा हैं, मैच से पहले शराब के सेवन और फिर ‘मंकीगेट कांड’ के कारण टीम द्वारा उन्हें ड्राप किया गया. उनके लिए टीम की बैठकों को मिस करना और अन्य खिलाड़ियों को गाली देना एक आम दृश्य था. एंड्रयू साइमंड्स ने उन्हीं कारणों से टीम से अपनी जगह गंवा दी.

2) गौतम गंभीर


2016 में आईपीएल मैच के दौरान गुस्सैल गौतम गंभीर और विराट कोहली के साथ जबरदस्त नोंकझोंक हुई थी. यह सिर्फ उनकी आक्रामकता का एक पक्ष था जो नियमित रूप से और ऑफ-फील्ड पर तर्कों के बाद उब गया था. 2017 में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान दिल्ली के कोच भास्कर पिल्लई के साथ उनकी बहस ने उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट से चार मैचों का निलंबन सौंपा.

पाकिस्तान के खिलाफ 2007 के मैच को कौन भूल सकता है, जब गंभीर ने शाहिद अफरीदी के साथ बड़ा झगड़ा किया था. बाद में उन दोनों पर जुर्माना लगाया गया.

3) सौरव गांगुली


लॉर्ड्स में अपनी शर्ट उतारने के बाद दादा ने बड़ी सुर्खियाँ बटोरीं. भारतीय टीम ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड पर अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था, लेकिन सौरव के पास उस पल का आनंद लेने का अपना तरीका था.

बाएं हाथ के बल्लेबाज ने विरोधी गेंदबाजों को चुप कराने का अपना तरीका था. स्टुअर्ट ब्रॉड स्लेजिंग दादा के परिणामों को कभी नहीं भूलेंगे. उनके अन्य क्षणों में रसेल अर्नोल्ड और पाकिस्तान के बल्लेबाज यूसुफ युहाना के साथ मिफ करना शामिल है.

4) विराट कोहली


विराट यकीनन मौजूदा क्रिकेट परिदृश्य में सबसे आक्रामक खिलाड़ी हैं. भारतीय कप्तान हाल ही में परिपक्व हुआ है लेकिन उनका आक्रामक अंदाज़ आज भी कम नहीं हुआ हैं. विराट हाल में एक विवाद में शामिल थे जब उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों को मिडल-फिंगर खिलाड़ी और गालियाँ दिखाई.

5) किरोन पोलार्ड


जब पोलार्ड की बात आती है तो कोई भी 2014 में अपने बल्ले को फेंकने की घटना को कभी नहीं भूल सकता है. उन्होंने आईपीएल मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क के बल्ले को लगभग फेंक दिया था.

इसके आलावा वह बार आईपीएल मैच के दौरान मुंह पर टैप बांधकर मैदान पर उतर आये थे, इस घटना ने भी काफी सुर्खियाँ बटौरी थी.

6) कामरान अकमल


कामरान के विवादों ने राजनीतिक स्तर पर तब धूम मचाई जब 2012 में उन्होंने ईशांत शर्मा को मैदान पर गाली देने का दोषी ठहराया. पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर ने 2010 में गौतम गंभीर के साथ भी चर्चा की थी.

कामरान अकमल का ताजा विवाद तब भड़का जब उन्होंने पाकिस्तान के कप्तान और कोच पर पक्षपात करने का आरोप लगाया.

7) शाहिद अफरीदी


बूम बूम विवादों के किंग रहे हैं. मैदान पर क्रिकेटरों से उलझना हो या गेंद को दांत से काटना हो अफरीदी अक्सर काफी आक्रामक अंदाज़ में दिखाई देते रहे हैं, यही कारण हैं कि उनके बिना ये टीम अधूरी हैं.

8) हरभजन सिंह


जब क्रिकेट के सबसे आक्रामक क्षणों के बारे में बात करते हैं, तो पहली घटना में हमारे दिमाग में आने वाली चीजों में से एक है जब हरभजन सिंह ने एस श्रीसंत को मैदान में थप्पड़ मारा था. ऑफ स्पिनर ने पहली बार तब सुर्ख़ियों में आये थे जब उनका पोंटिंग के साथ बड़ा विवाद हुआ था, जब वह महज 17 साल के थे.

9) एस. श्रीसंत


शांताकुमारम श्रीसंत का हरभजन सिंह, रिकी पोंटिंग, आंद्रे नेल, एंड्रयू साइमंड्स जैसे क्रिकेट के दिग्गजों के साथ मैदान पर उलझे हैं. उनके करियर की शुरुआत घरेलू खेल में सचिन तेंदुलकर के विकेट के जश्न से हुई थी. मैच फिक्सिंग कांड में लिप्त होने के कारण उनका अन्तराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया था.

10) कगिसो रबाड़ा


दक्षिण अफ्रीकी पेसर का नाम इस सूची में सबसे नया हैं. उनकी आक्रामक गेंदबाजी ने सभी बल्लेबाजों को प्रभावित किया है. रबाडा को भारत में एक टेस्ट मैच के दौरान टीम के साथी डी कॉक के साथ नोंकझोंक करते हुए देखा गया था.

हाल में ये तेज गेंदबाज इंडियन कप्तान विराट कोहली जे साथ भी मैदान पर भीड़ गया था, इसके आलावा बल्लेबाजो को आउट करने के बाद भी वह काफी आक्रामक दिखाई देते हैं.

11) कर्टली एम्ब्रोस


वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अपने पूरे करियर में हावी रहे. उनकी गति ने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान किया. हालांकि, एक इंटरव्यू (2015) में, एम्ब्रोस ने स्वीकार किया कि वह 29 साल पहले स्टीव वॉ को मारना चाहते थे.

प्रसिद्ध घटना तब हुई जब डीन जोन्स ने कर्टली से अपनी कलाई बैंड को हटाने के लिए कहा और दुनिया में सभी तेज गेंदबाजों ने इस पर गुस्सा जाहिर किया था. एम्ब्रोस ने स्वीकार किया कि उनका स्टेयर बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए काफी था.

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