अभी अभीः देश में हुआ ‘तांडव’ तो घुटनों पर आया अमेजन, हाथ जोडकर…|

नई दिल्ली। अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज़ तांडव को लेकर इसके निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र ने माफ़ीनामा जारी किया है, जिसमें अली ने लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगी है। माफ़ीनामे में अली ने कहा कि उनका इरादा किसी धर्म या जातीय समुदाय के लोगों को चोट पहुंचाने का नहीं था।  अली ने सोमवार की शाम ट्विटर के ज़रिए आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें निर्देशक ने कहा- हम तांडव वेब सीरीज़ को मिल रही दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को नज़दीकी से देख रहे हैं और आज सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ विमर्श के दौरान उन्होंने हमें बड़ी तादाद में आ रही उन शिकायतों और याचिकाओं के बारे में बताया, जिनमें लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बातें कही गयी हैं।  तांडव एक काल्पनिक कहानी है और किसी व्यक्ति या घटना से इसकी समानता महज़ एक संयोग है। कास्ट या क्रू का किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, मज़हब, आस्था, राजनीतिक पार्टी या ज़िंदा या मृत व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुंचाने या अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। कास्ट और क्रू सभी लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना शर्त माफ़ी मांगते हैं। ग़ौरतलब है कि इस स्टेटमेंट का एक हिस्सा बिल्कुल उस डिस्क्लेमर की तरह है, जो सीरीज़ या फ़िल्म शुरू होने से पहले जारी किया जाता है।  तांडव एक पॉलिटिकल थ्रिलर है, जिसे अली अब्बास ज़फ़र ने निर्देशित किया है। इस सीरीज़ में सैफ़ अली ख़ान, डिम्पल कपाड़िया, मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब, सुनील ग्रोवर, गौहर ख़ान, तिग्मांशु धूलिया, अनूप सोनी, डीनो मोरिया, संध्या मृदुल, कुमुद मिश्रा और शोनाली नागरानी समेत कई जाने-माने कलाकारों ने काम किया है। तांडव के स्ट्रीम होने के बाद से ही यह विवादों में आ गयी। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया से हुई। कई यूज़र्स ने सीरीज़ के पहले एपिसोड में भगवान शिव और राम को लेकर आपत्तिजनक संवाद दिखाये जाने पर एतराज़ जताया।  वहीं, अनूप सोनी और डीनो मोरिया के किरदारों के ज़रिए जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गयी। सीरीज़ को लेकर बवाल बढ़ता गया और सोमवार को इसका असर सियासत में भी नज़र आने लगा। तांडव मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने रविवार को अमेज़न प्राइम के अधिकारियों को भी समन भेजकर तलब किया था।

नई दिल्ली। अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज़ तांडव को लेकर इसके निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र ने माफ़ीनामा जारी किया है, जिसमें अली ने लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगी है। माफ़ीनामे में अली ने कहा कि उनका इरादा किसी धर्म या जातीय समुदाय के लोगों को चोट पहुंचाने का नहीं था।

अली ने सोमवार की शाम ट्विटर के ज़रिए आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें निर्देशक ने कहा- हम तांडव वेब सीरीज़ को मिल रही दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को नज़दीकी से देख रहे हैं और आज सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ विमर्श के दौरान उन्होंने हमें बड़ी तादाद में आ रही उन शिकायतों और याचिकाओं के बारे में बताया, जिनमें लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बातें कही गयी हैं।

तांडव एक काल्पनिक कहानी है और किसी व्यक्ति या घटना से इसकी समानता महज़ एक संयोग है। कास्ट या क्रू का किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, मज़हब, आस्था, राजनीतिक पार्टी या ज़िंदा या मृत व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुंचाने या अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। कास्ट और क्रू सभी लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना शर्त माफ़ी मांगते हैं। ग़ौरतलब है कि इस स्टेटमेंट का एक हिस्सा बिल्कुल उस डिस्क्लेमर की तरह है, जो सीरीज़ या फ़िल्म शुरू होने से पहले जारी किया जाता है।

तांडव एक पॉलिटिकल थ्रिलर है, जिसे अली अब्बास ज़फ़र ने निर्देशित किया है। इस सीरीज़ में सैफ़ अली ख़ान, डिम्पल कपाड़िया, मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब, सुनील ग्रोवर, गौहर ख़ान, तिग्मांशु धूलिया, अनूप सोनी, डीनो मोरिया, संध्या मृदुल, कुमुद मिश्रा और शोनाली नागरानी समेत कई जाने-माने कलाकारों ने काम किया है। तांडव के स्ट्रीम होने के बाद से ही यह विवादों में आ गयी। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया से हुई। कई यूज़र्स ने सीरीज़ के पहले एपिसोड में भगवान शिव और राम को लेकर आपत्तिजनक संवाद दिखाये जाने पर एतराज़ जताया।

वहीं, अनूप सोनी और डीनो मोरिया के किरदारों के ज़रिए जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गयी। सीरीज़ को लेकर बवाल बढ़ता गया और सोमवार को इसका असर सियासत में भी नज़र आने लगा। तांडव मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने रविवार को अमेज़न प्राइम के अधिकारियों को भी समन भेजकर तलब किया था।

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