खुद को दरोगा बताकर रचाई शादी, चार साल बाद पत्नी के आगे इस तरह से खुली पोल, पढ़े पूरा मामला



इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जांच पड़ताल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उससे उसका अधिकारी पीएनओ नंबर मांगा। दरअसल हाल ही में इंस्पेक्टर हरि भजन सिंह राठौर ने उसे देर रात गिरफ्तार किया। इस दौरान वह वर्दी में था और जांच-पड़ताल के दौरान उससे पीएनओ नंबर मांगा गया, जो कि हर पुलिस कर्मचारी को अपनी पहली जॉइनिंग के दौरान मिलता है और वह उसके आजीवन साथ रहता है। यह नंबर ना बताने पर सब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।


शादी के बाद से उसका ज्यादातर समय घर पर ही बिकने लगा। ऐसे में पत्नी उसकी काम और तैनाती को लेकर सवाल करने लगी। शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी का शक धीरे-धीरे उस पर बढ़ने लगा, लेकिन उसने कभी सवाल नहीं किया। वहीं इस मामले में एसपी सिटी कुलदीप सिंह रावत ने बताया कि युवक के पिता का निधन साल 2016 में हो गया था और अपने इस फर्जीवाड़े की शुरूआत उसने तभी से की थी।

पिता के निधन के बाद वह गांव के क्षेत्रों में जाकर खुद को दरोगा के तौर पर लोगों के बीच अपनी पहचान बताने लगा। इसके बाद वह लोगों को यह बताता कि उसकी पोस्टिंग कभी आगरा में हो गई कभी कानपुर में तो कभी बस्ती में हुई है। अपनी पोस्टिंग को लेकर अक्सर अलग-अलग जगहों का नाम बताता।

दूसरी ओर ज्यादातर समय घर पर बिताने के कारण पत्नी का शक धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उसके बाद उसने सवाल किए और वेतन को लेकर भी पूछताछ की। तो उसने बहाने बनाकर कहा की वेतन आने में कुछ समय से थोड़ी देरी हो रही है। घर पर धीरे-धीरे दिक्कतें बढ़ने लगी। वहीं बीते साल पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया।

यह फर्जी दरोगा इस कदर चलाक था कि वह जब भी अपने गांव में रहता तो अपने आसपास के पुलिस स्टेशन में अपना आना जाना रखता और वहां के दरोगा और सिपाहियों से मेल मिलाप बढ़ाता था। ऐसे में वह अक्सर उन्हें यही कहता कि वह इस समय छुट्टी पर यहां आया है। इतना ही नहीं धनीपुर क्षेत्र में उसने 10 से 15 लोगों को खुद को दरोगा बताते हुए चूना भी लगाया है।

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