सब्जी बेचने बाले की बिटिया ने बनाया कीर्तिमान, ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में किया टॉप



ललिता के माता-पिता एक सब्जी विक्रेता है, जो एक स्थानीय बाजार में अपनी सब्जी की दूकान लगाते है। बस यही सब्जी की दूकान परिवार की आजीबिका का एक मात्र साधन है। उनकी इस दूकान पर पूरा परिवार मेहनत करता है, जिसमे ललिता भी शामिल है। ललिता शहर बेंगलुरु के ईस्ट-वेस्ट कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीई कर रही हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे, ये कॉलेज विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आता है।

ललिता के अनुसार, बह पिछले कई सालो से सुबह जल्दी उठ हिरियुर के नेहरू मार्केट जाती, जहां उनके पेरेंट्स सब्जी बेचा करते। साथ में किताबें रहती और सब्जी बेचने में उनकी मदद करते हुए मैं पढ़ाई करती। वंही उनका परिवार पिछले कई सालों से चित्रदुर्ग के पास हिरियूर शहर के नेहरू मार्केट में सब्जी बेच रहा है। दिन में माता पिता का हाँथ बंटाना हो या फिर पढाई करना दोनों एक साथ करना थोड़ा कठिनाई भरा जरूर रहता है, लेकिन ललिता ने इसको भी मैनेज किया हुआ था। इसका असर 1 फरवरी 2020 को आए फाइनल ईयर के रिजल्ट में देखने को मिला है। ललिता का पूरे राज्य में सबसे ज्यादा नंबर आया है।

यानी साफ़ शव्दो में कहे तो ललिता ने टॉप किया था पुरे प्रदेश में। उनका पर्सेंटाइल 9.7 का रहा। इसके साथ ही उन्होंने GATE परीक्षा में 707 मार्क्स हासिल किए। अपनी मेहनत और लगन से ललिता ने आज जो कामयावी हासिल की है बह एक न एक दिन जरूर आसमान को छूती दिखाई देगी। इसके लिए उनकी कड़ी मेहनत लगन और माता पिता का विश्वास सहायक बना। जिसका पूरा श्रेय ललिता अपने पेरेंट्स को देती हैं। बह कहती हैं उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। मैं अपने परिवार की पहली ग्रेजुएट हूं। आज तो मेरा पूरा जिला सेलिब्रेट कर रहा है। मेरे माता-पिता ने बहुत संघर्ष किया है, जिससे मैं पढ़ सकूं।

इसरो में करना चाहती है काम

आपको बता दे, पुरे राज्य में टॉप आकर ललिता ने जो कीर्तिमान स्थापित किया है बह बाकई काविले तारीफ है। इसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय के कुलपति से गोल्ड मेडल भी मिलेगा। ललिता ने कहा है कि वह विदेश नहीं जाना चाहती बल्कि अपने देश में ही काम करना चाहती है। ललिता के अनुसार, मेरे रोल मॉड इसरो चीफ़ के सिवन हैं। मैं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से मास्टर करना चाहती हूं। मैं स्पेस साइंटिस्ट बनना चाहती हूं। इसके बाद इसरो या डीआरडीओ ज्वाइन करना चाहती हूं।


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