यहां महिलाएं नहीं पहनती ब्लाउज, अगर किसी महिला ने धोके से भी पहन लिया तो उसको…|



कुछ ऐसी खबरें देखने को मिलता है जो कभी आपने ना सुना हो ना देखा हो तो आज इसी अनसुने कहानी के बारे में रिसर्च के आधार पर लिखा गया यहां रहने वाले सभी लोग शुरू से अपनी परंपरा को निभाते चले आ रहे हैं। लेकिन हाल ही में ऐसी खबरें आई थी कि यहां रहने वाली कुछ महिलाओं ने ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया है। जिस वजह से गांव वालों ने उन पर परंपरा की अवहेलना का आरोप भी लगाया। यहां इस परंपरा को बचाने में पुराने लोग लगे हुए है। बिना ब्लाउज साड़ी पहनने को गातीमार स्टाइल कहा जाता है।



यह परंपरा एक हजार साल से लोग निभाते चले आ रहे हैं। आदिवासी महिलाओं का कहना है कि बिना ब्लाउज़ के साड़ी पहनने पर काम करने में सुविधा होती है। ऐसे खेत में काम करना और बोझ उठाना काफी आसान हो जाता है। जबकि जंगली इलाकों में महिलाएं गर्मी की वजह से ब्लाउज पहनना पसंद नहीं करती। वहीं दूसरी तरफ शहरों में अब बिना ब्लाउज साड़ी पहनने का फैशन भी चलता दिखाई दे रहा है।

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