जलते मुर्दे के सिर पर क्यों मारा जाता है डंडा, जानिए इसकी दिलचस्प वजह




हिन्दू धर्म को जब आप भीतर जाकर देखतें हैं तो आपको पता चलता है कि श्रद्धा और विश्वास किसे कहते हैं? ऐसी-ऐसी परम्पराएँ, ऐसी-ऐसी प्रथाएं जो हरदम तैयार रहती हैं आपको चौकाने के लिए। लेकिन हर चौकाने वाली प्रथा के पीछे कोई न कोई कारण होता है। इसी तरह की एक प्रथा है जो देखने में बड़ी वीभत्स लगती है। लेकिन इसके पीछे भी एक कारण है। मुर्दे के सिर पर डंडा मारने की प्रथा का भी एक कारण है।

अगर कभी आप किसी मृतक की अंतिम यात्रा में शमशान घाट तक गए हों और अंतिम संस्कार की पूरी क्रिया देखी होगी तो आपने देखा होगा कि जब मृतक का शव जल रहा होता है तो उसके पुत्र द्वारा या मुखोग्नी देने वाले द्वारा उसके सिर पर डंडा मारा जाता है।

हिंदु धर्म के अनुसार मृतक व्यक्ति के पास अगर किसी तरह की तंत्र-मंत्र की विद्या हो तो ऐसा करने से वो किसी और के हाथ नहीं आएगी। मृत्यु के बाद जलाते वक्त अगर मुर्दे के सिर पर डंडा नहीं मारा जाता है तो कोई भी तांत्रिक इस विद्या को चुरा सकता है और गलत कामों में इस्तेमाल कर सकता है।

इतना ही नहीं वो इस विद्या की मदद से मृतक की आत्मा को भी वश में कर सकता है और किसी भी तरह के बुरे कामों को अंजाम दे सकता है।
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सब मान्यताएं बहुत पुराने समय से चली आ रही हैं। अब इनमे कितनी सच्चाई है इसका दावा तो हम नहीं कर सकते। ये लोगों के विश्वास पर निर्भर करता है।

हम इस प्रकार की किसी भी मान्यता का खंडन-मंडन नहीं कर रहें हैं।

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