70 वर्षीय महिला के लिए फरिश्ते बनें दो जुड़वा बच्चे, ठेले में बिठाकर पहुंचाया राशन केन्द्र




नई दिल्ली: कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं. तभी वे भेष बदलकर सहायता के लिए सामने आ ही जाते हैं. ऐसा ही कुछ तमिलनाडु के कोठामंगलन गांव में भी देखने को मिला. जहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला चलने में लाचार थी. जिसके चलते वह राशन की दुकान तक जाने में असमर्थ थीं. ऐसे में दो जुड़वा बच्चों ने उनकी मुश्किल दूर करने में उनकी सहायता की. बच्चों ने अनोखा जुगाड़ लगाते हुए बूढ़ी दादी को एक ठेले पर बिठाया और उसे धक्का लगाते हुए दुकान तक ले गए. बच्चों के इस नेक कार्य के लिए लोग उनकी खूब सराहना कर रहे हैं.

मालूम हो कि तमिलनाडु सरकार ने पोंगल उत्सव के चलते गिफ्ट हैंपर बांटने की घोषणा की थी. इसमें लोगों को ढाई हजार रुपए का गिफ्ट हैंपर दिया जाना था. इसमें रूपए, गन्ने और कपड़े शामिल थे. महिला इसी को लेने जाना चाहती थी. चूंकि वह चलने में असमर्थ थीं ऐसे में थोड़ी दूर कदम बढ़ाते ही वह थककर बैठ जाती थीं. उनकी कठिनाई देख देख वहां उपस्थित बच्चों ने उनकी सहायता का निर्णय किया. दोनों जुड़वा बच्चे नितिन और नितीश दादी को ठेले पर बिठाकर राशन की दुकान तक ले गए.

इतना ही नहीं बच्चों ने उन्हें वापस घर तक भी छोड़ा. बताया जाता है कि महिला के घर में उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है. उनकी एक बेटी है लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. ऐसे में बुजुर्ग महिला को स्वयं ही सारी जिम्मेदारियां उठानी पड़ती है. महिला को राशन की बहुत आवश्यकता थी इसलिए वो किसी भी तरह दुकान तक पहुंचना चाहती थीं. बच्चों की सहायता मिलने से वह बहुत ज्यादा खुश हैं.

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