संतान न होने से हैं परेशान, तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए करें ये 5 आसान उपाय, जल्द मिलेगा शुभ समाचार..||


शादी के बाद इंसान जब अपनी गृहस्थी बसाता है, तो वो ये जरूर चाहता है, कि उसका अपना एक पूरा परिवार हो. गृहस्थ जीवन बिताते समय हर इंसान को ये चाह होती है कि उनकी अपनी संतान हो. लेकिन कई बार हम अपने आसपास के लोगों से ये बात सुनते हैं कि, कुछ लोगों को इच्छा होने के बाद भी उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं होती है, और इसके लिए वो न जाने कितना इलाज भी करवाते हैं. इसके बाद भी उन्हें खुशी नहीं मिल पाती है. कहते हैं कि ऐसा न होने के पीछे भी एक बड़ी वजह ग्रहों की स्थिति होती है. जी हां ज्योतिष शास्त्र में इस बारे में ये कहा गया है, कि बृहस्पति ग्रह के निचली स्थिति में होने के कारण इंसान संतान की (How to Get Baby) खुशी को महसूस ही नहीं कर पाता है

इसलिए अगर आपके साथ भी इस तरह की कोई समस्या होती है तो आपके लिए ये जरूरी है कि, संतान प्राप्ति के लिए आप ज्योतिष शास्त्र में बताए गए उपायों के बारे में ध्यान से जानें और उस पर गौर करें. कौन से हैं वो उपाय तो चलिए आज हम आपको अपनी इस खबर के जरिए बताएंगे.

संतान प्राप्ति के लिए करें ये पांच आसान उपाय

1- माना जाता है कि, अहोई अष्टमी व्रत के दिन राधा कुंड, वृंदावन में रात के करीब 12 बजे पति-पत्नी एक साथ वहां स्नान करें. इसके बाद वहीं पर सीताफल का दान कर दें. कहते हैं कि ये उपाय करने से सालभर के अंदर ही संतान के सुख की प्राप्ति हो जाती है. जो व्यक्ति इस उपाय को पूरे श्रद्धा भाव के साथ करता है, वो जीवन में संतान के सुख से वांचित नहीं रहता है.

2- इसके साथ ही कहते हैं कि, संतान का सुख न पाने वाले व्यक्ति को अपने गले में केले के पेड़ की जड़ धारण करनी चाहिए. यदि आप भी संतान की प्राप्ति चाहते हैं, लेकिन वो इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है तो, आप बृहस्पतिवार के दिन पीले रंग के धागे में केले के पेड़ की जड़ पहने, इससे संतान के होने का योग बनता है.

3- हालांकि यदि किसी कारण आपको केले के पेड़ की जड़ कहीं से नहीं मिलती है, तो आप पपीते के पेड़ की जड़ को भी पहन सकते हैं. इसे गले में धारण करने से पहले बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु के मंत्रो के उच्चारण से जड़ को बांध दें और उस पर गंगाजल के छीटें मार दें और फिर इसे अपने गले में पहन लें.

4- इतना ही नहीं कहते तो ये भी हैं कि, साल में एक बार आने वाली पुत्रदा एकादशी का व्रत पूरी भक्ति के साथ करें. इससे भी संतान की प्राप्ति होती है. हालांकि इस व्रत को करते समय आप ध्यान रखें कि, इसे दशमी की संध्या से शुरू करने के बाद द्वादशी के पहले पहर तक व्रत को पूरा करें.

5- इसके अलावा जो लोग सालों से संतान की इच्छा रख रहे हैं लेकिन उन्हें संतान का सुख नहीं मिल रहा है, वो लोग बृहस्पतिवार के दिन जरूर व्रत रखें. साथ ही बृहस्पति देव की उपासना भी करें. माना जाता है कि, बृहस्पतिवार के दिन व्रत करने से बृहस्पति देव की उपासना से जल्द ही संतान की प्राप्ति होती है.

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