भारतीय क्रिकेट टीम के ये हैं वो 5 खिलाड़ी जो जबरदस्त शुरुआत के बाद हुए गुमनाम...




भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं रही है। विश्व क्रिकेट में आज भारतीय क्रिकेट का नाम काफी बड़ा हो चुका है। भारत के लिए अब तक इन खिलाड़ियों में कई खिलाड़ियों ने काफी बड़ा नाम किया तो कई खिलाड़ी कुछ खास कमाल नहीं कर सके। लेकिन प्रतिभा की माने तो कई खिलाड़ियों में कोई कमी ही नहीं थी।

वो 5 भारतीय खिलाड़ी जो शानदार शुरुआत के बाद हुए गुम

कई खिलाड़ियों ने करियर की शुरुआत में भी खासा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही ऐसा प्रदर्शन किया कि उन्हें एक बड़े सुपर सितारें के रूप में देखा जाने लगा। भारत के लिए ऐसे कई खिलाड़ी रहे, जिन्होंने शुरुआत में जबरदस्त प्रदर्शन किया।



लेकिन शुरुआत में शानदार प्रदर्शन के बाद कई खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने उसका सही से फायदा नहीं उठाया और देखते ही देखते करियर खत्म हो गया। तो आपके सामने आज हम भारत के उन 5 खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके करियर की शुरुआत तो जबरदस्त रही, लेकिन जल्द ही वो गुममान हो गए।

अमय खुरासिया

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जबरदस्त शुरुआत की थी। इनमें से ऐसे कई बल्लेबाज भी हैं जिनका प्रदर्शन शुरुआत में बहुत ही खास रहा था। इसी लिस्ट में भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज अमय खुरासिया भी एक रहे हैं।



अमय खुरासिया ने साल 1999 में वापसी की और श्रीलंका के खिलाफ पहले ही मैच में पचासा जड़ा था। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम में 1999 विश्व कप के लिए जगह मिल गई। लेकिन विश्व कप में कोई मौका नहीं मिल सका। विश्व कप के बाद तो उनका करियर ही 2001 में खत्म हो गया। इसके बाद खुरासिया का नाम कभी नहीं देखने को मिला।


विजय भारद्वाज

भारतीय क्रिकेट टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने अपनी पहली सीरीज से ही जबरदस्त छाप छोड़ी है लेकिन ऐसे बहुत कम या गिने-चुने ही क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने अपने डेब्यू सीरीज में ही शानदार खेल का प्रदर्शन कर मैन ऑफ द सीरीज पर कब्जा किया हो। ऐसा करने वाले एक खिलाड़ी रहे हैं, विजय भारद्वाज…



साल 1999 में केन्या में खेले गए एलजी कम के दौरान भारत के लिए विजय भारद्वाज को डेब्यू का मौका मिला। जिन्होंने शानदार प्रदर्शन कर 10 विकेट और 89 रन बनाकर मैन ऑफ द सीरीज बने। इसके अलावा विजय भारद्वारा ने भारत के लिए 3 टेस्ट खेलने में भी सफलता हासिल की। लेकिन इसके बाद वो अचानक ही गायब हो गए।


टीनू योहानन

भारतीय क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाजों की इतनी ज्यादा खेप तैयार होती नहीं देखी गई है। पूर्व में वैसे तो एक से एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज रहे लेकिन इन गेंदबाजों में कई तेज गेंदबाज ऐसे रहे जो प्रतिभा होने के बाद भी ज्यादा समय तक टीम में अपने स्थान को कायम नहीं रख सके। इन खिलाड़ियों की बात करें तो केरल के पूर्व तेज गेंदबाज टीनू योहानन ने एक अलग प्रतिभा दिखायी थी।



टीनू योहानन ने भारत के लिए डेब्यू करने के साथ ही पहले ही मैच में जोरदार प्रदर्शन किया लेकिन इसके बाद वो भारत के लिए 3 टेस्ट और 3 वनडे ही खेल सके और टीम से बाहर हो गए। इसके बाद टीनू योहानन भारतीय क्रिकेट टीम में कभी लौट नहीं सके और उनका करियर खत्म हो गया।



आविष्कार साल्वी

भारतीय क्रिकेट टीम में एक तेज गेंदबाज आविष्कार साल्वी ने एन्ट्री की थी। आविष्कार साल्वी एक जबरदस्त प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज थे जिनमें ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्राथ का अक्स दिखायी देता था। उनके जैसे ही बॉलिंग एक्शन वाले साल्वी ने शुरुआत में ही प्रभाव डाला। आविष्कार साल्वी को भारत के लिए खेलने का मौका मिला।



उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ डेब्यू किया और अभी 4 वनडे मैच ही खेलेे थे कि वो चोटिल हो गए और टीम से बाहर हो गए। जिसके बाद वापसी नहीं हो सकी। आविष्कार साल्वी की गेंदबाजी में ज्यादा गति तो नहीं थी, लेकिन उनका लाइन लैंथ पर शानदार कन्ट्रोल था और वो ही बात उन्हें बहुत ही खास बना रही थी।

देबाशीष मोहंती

भारतीय क्रिकेट टीम में साल 1999 के विश्व कप में तेज गेंदबाज देबाशीष मोहंती के रूप में प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मिला था। देबाशीष मोहंती में एक तेज गेंदबाज के बेहतरीन गुण मौजूद थे। मोहंती ने शुरुआत में काफी जबरदस्त गेंदबाजी कर देखते ही देखते अपनी पहचान बना दी।



उड़िसा के देबाशीष मोहंती ने अपने शुरुआती करियर में कमाल की गेंदबाजी की।भारत के लिए 1997 में डेब्यू करने के बाद 1999 के विश्व कप तक लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे, लेकिन विश्व कप के बाद मोहंती अपने उस प्रदर्शन को बरकारार नहीं रख सके और 47 वनडे मैच खेलने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया तो फिर वो कभी वापसी नहीं कर सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post