36 पर ऑल आउट होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आधी रात को ली थी कोहली ने टीम की क्लास..|




 भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा (India vs Australia 2020) दो वजह से बरसों याद रहने वाला है. पहला- भारतीय टीम (Team India) इस दौरे पर पहले टेस्ट मैच में 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी. दूसरा- हार के बाद भारत ने क्रिकेट इतिहास का सबसे खतरनाक पलटवार किया और ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में 2-1 से हरा दिया. भारत का पलटवार मेलबर्न टेस्ट (Melbourne Test) से हुआ, जिसकी योजना आधी रात में बी थी. ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (R Ashwin) और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर (R Shridhar) ने बताया कि कैसे आधी रात को ही विराट कोहली (Virat Kohli) इस मीटिंग में पहुंच गए थे.

भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच टेस्ट सीरीज 17 दिसंबर 2020 से 19 जनवरी 2021 के बीच खेला गया. 19 दिसंबर भारतीय टीम के लिए सबसे खराब साबित हुआ. इस दिन भारतीय टीम एडिलेड टेस्ट (Adelaide test) की दूसरी पारी में 36 रन पर सिमट गई. नतीजा ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से मैच जीत लिया. यह ऐसा बुरा प्रदर्शन था, जो किसी भी भारतीय खिलाड़ी या प्रशंसक के दिलो-दिमाग पर बरसों छाई रहने वाली थी. नतीजा, खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को भी उस रात आसानी से नींद नहीं आई.

पलटवार के लिए जरूरी था मेलबर्न टेस्ट जीतना

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर फील्डिंग कोच आर. श्रीधर से एडिलेड टेस्ट की हार और उसके बाद भारतीय पलटवार की योजना के बारे में बात की. श्रीधर बताते हैं कि सीरीज में पलटवार के लिए सबसे जरूरी था कि हम अगला टेस्ट (मेलबर्न टेस्ट) जीतें. इसके लिए कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने प्लान बनाया और रवि शास्त्री ने उनकी मदद की.

36 रन पर आउट होना बैज के समान: शास्त्री
कोच श्रीधर ने आगे बताया, ‘वह (कोहली) हमारे पास आए और उसके बाद चर्चा शुरू हो गई. इसी चर्चा में मिशन मेलबर्न की योजना भी बननी शुरू हुई. शास्त्री ने कहा- यह 36 रन हमारे लिए बैज के समान हैं. यही 36 का बैज इस टीम को महान बनाएगा.’

कोहली ने अजिंक्य रहाणे को बुलाया
कोच श्रीधर ने कहा, ‘हम अपने प्लान को लेकर थोड़ा सशंकित थे या कहें कि भ्रम में थे कि क्या करना चाहिए. इसके बाद कोहली ने अजिंक्य रहाणे को बुलाया. सुबह हमारी बातचीत और अच्छी रही. आमतौर पर कम स्कोर पर आउट होने के बाद टीमें अपनी बैटिंग मजबूत करती हैं. लेकिन रवि शास्त्री, विराट और रहाणे ने बॉलिंग मजबूत करने का प्लान बनाया. इसीलिए हमने विराट कोहली की जगह रवींद्र जडेजा को टीम में शामिल किया. यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ.'

बाएं हाथ के बल्लेबाज की रणनीति कारगर
कोच श्रीधर ने कहा, ‘रवि शास्त्री चाहते थे कि टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या बढ़ाई जाए. उनका मानना था कि सिर्फ दाएं हाथ के बल्लेबाजों के होने के कारण ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज एक ही लाइन-लेंथ पर सटीक गेंदबाजी करने में कामयाब रहे. ऐसे में यदि हम टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज को लाएं तो उनकी लाइन-लेंथ बिगड़ सकती है. यह रणनीति भी कारगर साबित हुई. इस तरह लगभग सारे निर्णय उसी वक्त लिए गए और यह तय किया गया कि हम अगले मैच में 5 गेंदबाज के साथ खेलेंगे.'

ज्यादा प्रैक्टिस नहीं करने का फैसला
श्रीधर ने कहा, 'हमने उसी वक्त फैसला लिया कि ज्यादा प्रैक्टिस नहीं की जाएगी. इसलिए हमने खिलाड़ियों को एक तरह से एक दिन की छुट्टी दे दी और टीम को डिनर पर बुलाया. हमने कुछ अलग तरह के गेम भी खेले क्योंकि अक्सर जब आप अकेले होते हो तो नकारात्मकता घर करने लगती है.'

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