ICL की वजह से बर्बाद हुआ इन 5 क्रिकेटरों का करियर#



इंडियन क्रिकेट लीग(आईसीएल) की शुरुआत 2007 में हुई थी. फ्रैंचाइजी सिस्टम शुरू करने वाली आईसीएल पहली लीग थी. हालांकि, इसे दुनिया भर के युवा प्रतिभाओं को करियर सवांरने के लिए लाया गया , हालांकि, यह एक डरावनी घटना थी, इस लीग में खेलने से रोकने के लिए विभिन्न देशों के क्रिकेट बोर्डों ने अपने खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया. इस लीग 5 क्रिकेटरों के करियर को समाप्त करने के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है. देखें कौन है ये 5 क्रिकेटर

5) आफताब अहमद- बांग्लादेश

आफताब अहमद बांग्लादेश क्रिकेट टीम के शिनिंग स्टार थे. उन्होंने सिर्फ 19 साल की उम्र में अन्तराष्ट्रीय डेब्यू किया था, जिसके बाद उन्होंने बांग्लादेश के लिए 85 वनडे, 16 टेस्ट और 11 अन्तराष्ट्रीय टी20 भी खेले. हालाँकि, बांग्लादेश के क्रिकेट बोर्ड ने इंडियन क्रिकेट लीग में खिलाड़ियों के खेलने पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया था, आफताब अहमद इस प्रतिबंध में शामिल थे और उनका करियर वहीं से समाप्त हो गया.

4) रोहन गावस्कर- भारत

जब सुनील गावस्कर के छोटे बेटे रोहन गावस्कर ने अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया, तो लोगों को इस खिलाड़ी से बहुत उम्मीद थी, हालांकि, वह कुछ खास करने में नाकाम रहे. उन्होंने भारत के लिए केवल 11 वनडे मैच खेले. वर्ष 2007 में जब रोहन इंडियन क्रिकेट लीग में शामिल हुए लेकिब वहां भी वह छाप नहीं छोड़ सके. वह उन 71 खिलाड़ियों में से एक थे जिन्हें बीसीसीआई द्वारा माफी दी गई थी और वह राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए उपलब्ध थे, हालांकि, वह छाप छोड़ने में असफल रहे.

3) जस्टिन केम्प- साउथ अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी और विस्पोटक बल्लेबाज जस्टिन केम्प अपने करियर के चरम पर थे जब वह भारतीय क्रिकेट लीग का हिस्सा बने. वह बल्ले के साथ अपनी प्रतिभा के लिए और मैच फिनिशिंग कौशल के लिए जाने जाते थे.

अपने करियर के दौरान, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 85 एकदिवसीय मैच खेले. इसके अलावा, उन्होंने 4 टेस्ट और 8 टी20 में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. हालांकि, आईसीएल में शामिल होने के उनके फैसले ने उनका करियर बर्बाद कर दिया.

2) मोहम्मद समी- पाकिस्तान

मोहम्मद समी पाकिस्तान क्रिकेट टीम में सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में से एक थे. उन्होंने अपने अन्तराष्ट्रीय करियर की शुरुआत वर्ष 2001 में की थी, जिसके बाद उन्होंने 220 विकेट लिए थे. अपने करियर के दौरान, उन्होंने पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट, 87 वनडे और 7 टी20 खेले हैं. हालाँकि, आईसीएल में शामिल होने के बाद, वह अपनी टीम में नियमित रूप से जगह नहीं बना पाए. हालांकि वह अभी भी क्रिकेट में सक्रिय हैं लेकिन वह कब वो गेंदबाज नहीं रहे जो पहले हुआ करते थे.

1) शेन बांड- न्यूजीलैंड

भारतीय क्रिकेट लीग में शामिल होने के बाद कीवी गेंदबाज, शेन बॉन्ड को देशद्रोही कहा गया था. वह इस लीग के सबसे प्रतिभाशाली गेंदबाजों में से एक थे. वह प्रति घंटे 150 किमी की गति से गेंदबाजी करते थे और सिर्फ 18 टेस्ट में 87 विकेट ले चुके थे. इसके अलावा उन्होंने 82 एकदिवसीय मैचों में 147 विकेट लिए थे. हालांकि, आईसीएल में शामिल होने के बाद, उनका करियर वास्तव में दोबारा कभी नहीं पनप सका और क्रिकेट राजनीति के कारण उनका शानदार करियर समाप्त हो गया.


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