एक ऐसा गांव, जहां चमगादडों की होती है पूजा, माना जाता है शुभ

एक गांव जहां चमगादडों की पूजा होती है! - लोकतेज

आप लोगों ने विश्व में अनेकों प्रकार की परंपरा और नियम कानून के बारे में सुना और जाना होगा लेकिन क्या आपने कभी एक ऐसे अनोखे परंपरा के बारे में सुना है जहां पर चमगादड़ की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है इस प्रकार की परंपरा का पालन भारत देश के बिहार राज्य में एक ऐसा मंदिर है जहां पर चमगादड़ की पूजा की जाती है और लोगों का मानना है कि जो लोग चमगादड़ की पूजा विधि विधान से करते हैं उनके मन की सभी प्रकार की मनोकामना की पूर्ति होती है और अब आपके मन मे सवाल आएगा कि आखिर मैं यहां पर चमगादड़ की पूजा करने की पीछे की वजह क्या है तो आइए मैं आपको बताता हूं। 

इस गांव में रहने वाले स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राचीन काल में यहां पर चमगादड़ ने एक व्यक्ति की जान कई लोगों से बचाई थी जिसके बाद से लोगों का आया मानना है कि चमगादड़ अपने आप में भगवान के रूप होते हैं तभी से यहां पर चमगादर की पूजा करने की प्रथा चालू हो गई थी। यहां पर कोई भी शुभ कार्य करने से पहले है चमगादड़ की पूजा करने की भी पड़ता है लोगों का इस मंदिर पर अटूट विश्वास है और इस मंदिर के दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक यहां पर आते हैं।

इस गांव में लोगों का कहना है कि जब से यहां पर चमगादड़ आए हैं गांव में हमेशा खुशियों का माहौल है और गांव में किसी प्रकार की असुविधा और संकट की स्थिति नहीं आई है इसके अलावा प्राचीन काल में यहां पर कई चमगादड़ जाने के लिए आए थे उसके बाद यहां के राजा ने उन्हें रहने के लिए एक विशाल पेड़ का निर्माण करवाया और बगल में ही तलाब भी बनाया था। 

इन चमगादड़ की खासियत क्या है कि जब भी कोई बाहर से व्यक्ति इस गांव में प्रवेश करेगा तो वह अपनी शोरगुल से गांव वालों को जला देंगे कि कोई अनजान व्यक्ति गांव में प्रवेश कर चुका है और जब तक गांव के लोग इस गांव में रहते हैं उन्हें इन चमगादड़ से किसी प्रकार की परेशानी नहीं है बल्कि उनका जीवन हमेशा खुशियों और सुख से भर रहता हैं।

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