जानिए कैसे आँखों का फड़कना माना जाता है शुभ-अशुभ

हमारा शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है। इसी कारण हमारा शरीर भविष्य में होने वाली घटनाओं के पहले से ही आशंका व्यक्त कर देता है। भविष्य की घटनाओं से अवगत कराने के लिए हमारे शरीर के विभिन्न अंग फड़कने लगते है। अंगों का फड़कना ही हमे शुभ और अशुभ बातों के बारें में बताता है।

# आंखों के फड़कने पर माना जाता है कि अगर महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कने से शुभ समाचार मिलता है वहीं पुरूषों की बाई आंख का फड़कना अच्छा होता है। महिलाओं की बाई आंख फडकने का मतलब है कि उसके या परिवार में किसी को कोई बीमारी हो सकती है।

# बाई आंख का ऊपरी फलक फड़के तो आपकी अपने दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है। नीचे का फलक फड़कता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और आपको अपमानित होना पड़ सकता है।



# बाई आंख की नाक की ओर का कोना फड़कता है जिसका फल शुभ होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या फिर किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।

# दोनों आंखे एक साथ फड़कती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुड़े हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।



# दांई आंख पीछे की ओर फड़कती है तो इसका फल अशुभ होता है। बाई आंख ऊपर की और फड़कती हो तो इसका फल शुभ होता है। महिला की बाई आंख फड़कती हो तो शुभ फल होता है।

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