मधुमक्खी पालन से कितनी होगी कमाई और कहां से लें ट्रेनिंग? जानिए





वैसे तो मधुमक्खी पालन का बिजनेस प्राचीनकाल से चला आ रहा है, लेकिन अब इसका व्यवसाय बढ़ता ही जा रहा है. इसकी मुख्य वजह ये है कि बाजार में असली शहद की मांग बहुत ज्यादा बढ़ रही है. इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ कंपनियां नकली शहद का व्यापार भी कर रही हैं. अगर आप मधुमक्खी पालन कर शुद्ध शहद (Pure Honey) बाजार में बेचेंगे तो बहुत मुनाफा कमा सकते हो.

ध्यान रहे कि इसके लिए आपको लोगों के बीच विश्वास पैदा करना होगा. शुद्ध शहद की डिमांड इतनी है कि इसके चाहने वाले खुद आपके फार्म पर आकर शहद खऱीदेंगे. बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब समेत के कई राज्यों में मधुमक्खी पालन का ट्रेंड बढ़ रहा है. इससे पहले हम आपको बिहार के रमेश रंजन की कहानी बता चुके हैं. जो हर साल मधुमक्खी पालन से 20 लाख रुपए तक कमा लेते हैं.


आज हम बात कर रहे हैं हरियाणा के झज्जर जिले के गांव मिलकपुर की, जहां इस समय शहद क्रांति आई हुई है. मलिकपुर गांव के निवासी मैनपाल पहले हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग में सेवानिवृत थे, उनकी बहुत इच्छा थी कि वो मधुमक्खी पालन का बिजनेस शुरू करें.

मैनपाल और उनके बेटे विनय फौगाट ने इस काम को आगे बढ़ाया. आज वो पूरे जिले में मधुमक्खी पालन की वजह से जाने जाते हैं. उन्हें ये काम केवल एक हजार मधुमक्खी की पेटियों से शुरू किया था, लेकिन अब हर साल 400 क्विंटल शहद का उत्पादन करते हैं.

इतना ही नहीं, जब इस कारोबार से फायदा मिलता देखा तो बेटा भी अपनी नौकरी छोड़ पिता के साथ लग गया. मैनपाल के बेटे विनय फौगाट ने मेकेनिकल से बीटेक की डिग्री हासिल की है. वो गुरूग्राम में जॉब कर रहे थे. इतनी हा नहीं, जिले में शहद क्रांति लाने की वजह से हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने उन्हें अवॉर्ड और 1 लाख रुपए की राशि से भी सम्मानित किया है.अगर आप भी मधुमक्खी पालन में ट्रेनिंग लेना चाहते हैं, तो निम्न संस्थाओं से ट्रेनिंग ले सकते हैं:

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा रोड, नई दिल्ली.
नेशनल बी बोर्ड, बी इंस्टीटय़ूशनल एरिया, अगस्त क्रांति मार्ग, हौज खास, नई दिल्ली.
मधुमक्खी पालन एंड शोध संस्थान कृषि विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा.
ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान, गंगोह, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश.
मधुमक्खी प्रशिक्षण केंद्र, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड.
मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र, जनमहादेव रोड, खादी ग्रामोद्योग, देहरादून.
निदेशक, उद्यान विभाग, कृषि पंत भवन, जयपुर, राजस्थान.
ल्यूपिन ह्यूपिन वेलफेयर एंड रिसर्च फाउंडेशन, कृष्णानगर, भरतपुर, राजस्थान.
राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड, लालकोठी, जयपुर, राजस्थान.
केंद्रीय मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान.
ग्रामोद्योग आयोग, गणेशखिंड रोड, पुणे (महाराष्ट्र).
उपर्युक्त जानकारी की मदद से अब जरूर आप मधुमक्खी पालन उद्योग आरम्भ कर सकते है.

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