मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटी, जानिए क्या है इसका महत्व



किसी भी शुभ काम करने या मंदिर में प्रवेश करते समय हम घंटी बजाते हैं। इसे हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। माना जाता है कि रोजाना पूजन के समय घंटी बजाने से आपकी किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल सकते हैं।



1. घंटी सृष्टि के आरंभ का प्रतीक है। क्योंकि जब सृष्टि का प्रारंभ हुआ तब जो आवाज गूंजी थी वह घंटी जैसी ही थी। इसलिए इसे रोजाना बजाने से आप सीधे ईश्वर से जुड़ सकते हैं।

2. घंटी बजाने पर उससे निकलने वाली ध्वनि बहुत सकारात्मक होती है। इसे सुनने पर मन को शांति मिलती है। इससे दुख-तकलीफों से छुटकारा मिलता है।


3. शास्त्रों में गरुण घंटी को बहुत शुभ माना जा है। ये छोटे आकार की होती हैं। इसे घरों में रोजाना बजाना चाहिए। ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीज तालमेल बेहतर रहता है।

4. वहीं मंदिर में बजाई जाने वाली घंटी काल का प्रतीक होती हैं। क्योंकि ये आकार में बड़ी होती है और इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक जाती है। इसे बजाने से निकलने वाली ध्वनि मृत्यु के डर को दूर करती है। रोजाना मंदिर के घंटे बजाने से व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बनता है। इससे दुश्मन व्यक्ति पर हावी नही हो सकता है।

5. हिंदू धर्म में घंटी को बहुत पवित्र चीज मानी जाती है। इसलिए रोजाना स्नान के बाद ही इसे बजाना चाहिए। सुबह 5 से 7 बजे के बीच घंटी बजाना शुभ माना जाता है। इससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।


6. जो लोग तरक्की करना चाहते हैं उन्हें पूजन के बाद रोजाना आरती के समय घंटी बजानी चाहिए। इससे किस्मत के बंद दरवाजे खुल जाते हैं।

7. अगर आपका कोई काम नहीं बन रहा है तो आप मंगलवार या शनिवार को किसी मंदिर में पीतल की घंटी दान करें। ऐसा करने से आपको मुसीबतों से छुटकारा मिलेगा।

8. घंटी बजाने के वैज्ञानिक फायदे भी है। कहते हैं कि घंटी बजाने से तेज कंपन होता है। इसकी ध्वनि और कंपन जब शरीर से टकराता है तब शरीर रिलैक्स महसूस करता है।


9. रोजाना घंटी की आवाज सुनने से कानों की बीमारी में भी ठीक होती है। क्योंकि इसकी आवाज ब्लॉक नसों को खोलती है।

10. घंटी बजाने से नकारात्मक शक्तियों से भी छुटकारा मिलता है। क्योंकि इसकी तेज ध्वनि भूत-प्रेतों समेत बुरी शक्तियों को पास आने से रोकती है।

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