आपत्तिजनक स्थिति में देख लेने पर बदनामी के डर से मां ने ही की थी पुत्र की ....





राठ कोतवाली क्षेत्र में हुयी एक सात साल के बच्चे की हत्या के मामले का मंगलवार को पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस की जांच पड़ताल के बाद इस घटना में मां ही अपने बच्चे की कातिल निकली, जिसे मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि शुरू में मृतक के पिता को आरोपित बनाया गया था। पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह ने आज प्रेसवार्ता मेें बताया कि राठ कोतवाली के गल्हिया गांव निवासी सतीश पुत्र रामपाल ने पिछले 19 दिसंबर को सूचना दी थी कि सात वर्षीय उनके भांजे हिमांशु उर्फ रोहित का सुबह पांच बजे पशुबाड़े में शव मिला है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया। सतीश की तहरीर पर बहनोई (मृतक के पिता सुरेश) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

एसपी ने बताया कि घटना के अनावरण के लिए सीओ राठ के साथ कोतवाल केके पांडेय को लगाया गया। पुलिस ने आरोपी बनाए गए पिता को हिरासत में लेकर तीन दिनों तक लंबी पूछताछ की, जिसमें सुरेश की पत्नी द्वारा पुत्र रोहित की हत्या किए जाने का मामला सामने आया। एसपी ने बताया कि महिला के अपने बहनोई नरेंद्र कुमार के साथ अवैध संबंध होने पर पति पत्नी में आए दिन झगड़ा होता रहता था। इसी को लेकर महिला ने अपने सात वर्षीय पुत्र रोहित को पति के पास छोड़कर करीब नौ माह पूर्व मायके गल्हिया गांव में रहने लगी थी।

एसपी ने बताया कि मायके में महिला के भाई सतीश कुमार के पुत्र पैदा हुआ था, जिसका 18 दिसंबर को कुआं पूजन कार्यक्रम था। कार्यक्रम में महिला ने अपने से पति को निमंत्रण देने से भी मना किया, जबकि रोहित मामा के यहां पहले ही आ चुका था। बताया कि 18 दिसंबर को रोहित ने मां को मौसा के साथ आपत्तिजनक स्थित में देख लेने की बात मामा, पिता व नाना से कह देने की कही। इस पर महिला ने बदनामी के डर से बचने के लिए अपने पुत्र को पशुबाड़ा ले जाकर गला दबाकर व गले में पैर रखकर हत्या कर दी थी और शव को जानवरों को बांधने वाले बयारे में अरहर के गठ्ठर में छिपा दिया था। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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