आज फिर किसानों को मनाने की कोशिश करेगी सरकार, शाह से मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान सरकार के साथ किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। किसान अब भी दिल्ली-हरियाणा सिंघू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। वहीं कृषि कानून को लेकर आज एक बार फिर से सरकार और किसानों के बीच वार्ता होगी। सभी की नजरें आज पर होने वाली वार्ता पर है कि इसका क्या नतीजा निकलेगा। बता दें कि इससे पहले मंगलवार को सरकार और किसानों के बीच वार्ता हुई थी लेकिन यह बेनतीजा रही थी। किसानों के आंदोलन का आज 8वां दिन है। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। 



अमित शाह से मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध पर कृषक नेताओं के साथ आज केंद्र की अगले दौर की वार्ता से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक कैप्टन गतिरोध का सौहार्द्रपूर्ण हल ढूंढने के लिए दिल्ली में शाह के साथ चर्चा करेंगे। हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री और उनकी कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है और पंजाब विधानसभा ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को निष्प्रभावी बनाने के लिए विधेयक भी पारित किए हैं। वैसे सिंह ने कहा था कि वह और उनकी सरकार सभी के सामूहिक हित में केंद्र और किसानों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।



किसानों की विशेष सत्र बुलाने की मांग
आंदोलन कर रहे किसानों ने मांग की कि केंद्र नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र आहूत करे और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा। अपने ‘दिल्ली चलो' मार्च के तहत किसान अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के चार व्यस्त सीमा मार्गों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन स्थानों पर पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे 35 किसान संगठनों के नेताओं ने सिंघू बोर्डर पर बैठक की जिसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने भाग लिया। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए। हम तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।



किसानों के समर्थन में AIMTC
दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों की बढ़ती तादाद के बीच ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करते हुए उत्तर भारत में 8 दिसंबर से परिचालन बंद करने की धमकी दी। AIMTC लगभग 95 लाख ट्रक ड्राइवरों और अन्य संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है।

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