5 भारतीय खिलाड़ी जिनसे थी सबसे अधिक उम्मीदें लेकिन उन्होंने उम्मीदों पर फेर दिया पानी



भारत हमेशा क्रिकेट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय टीमों में से एक रहा है. भारत दुनिया की अकेली ऐसी टीम हैं, जिसमे 60 ओवर, 50 ओवर और टी20 ओवर तीनों के वर्ल्ड कप अपने नाम किये थे. भारत में क्रिकेट के प्रति लोकप्रियता अन्य अभी देशों के मुकाबले सबसे अधिक हैं यही कारण हैं कि खिलाड़ियों से उम्मीदें भी अधिक की जाती हैं लेकिन सभी के लिए उम्मीदों पर खरा उतरना आसान नहीं होता हैं. आज इस लेख में हम पिछले कुछ समय के ऐसे इंडियन खिलाड़ियों के बारे में जानेगे, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से निराश करके टीम में अपनी जगह गंवा दी हैं.

1) विजय शंकर



विजय शंकर के करियर की शुरुआत बॉलीवुड फिल्म के हीरो की तरह हुई. एक स्थायी खिलाड़ी बनने के लिए एक प्रतिस्थापन के रूप में बुलाया जाने से, शंकर ने यह सब देखा है. यह कहना सही है कि शंकर के पास भारतीय वनडे टीम में एक नियमित चेहरा बनने की क्षमता थी, लेकिन ऐसा करने में असफल रहे.


विजय शंकर ने 2018 में हार्दिक पांड्या के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में जगह बनायीं थी. जिसके बाद उन्हें वर्ल्ड कप 2019 में भी खेलने का मौका मिला लेकिन चोट और खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर हो गए. विजय ने 12 मैचों में 31.86 की औसत से 223 रन बनाए जबकि 9 टी20I मैचों में उन्होंने 101 रन बनाए.

2) केदार जाधव


केदार जाधव ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद टीम इंडिया में जगह बनायीं थी, जिसके बाद वह वनडे टीम के स्थायी सदस्य बन गए थे लेकिन खराब फिटनेस और खराब फॉर्म के कारण अब वह टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं.

जाधव ने भारत के लिए 73 मैचों की 52 पारियों में 42.09 की औसत और 101.61 की स्ट्राइक रेट से 1389 रन बनाए हैं, इस दौरान उन्होंने 2 शतक भी लगाये हैं.

3) दिनेश कार्तिक



दिनेश कार्तिक को लगभग 15 साल हो गए हैं और अभी भी भारत की एकदिवसीय टीम में नियमित चेहरा बनने में कामयाब नहीं हुए हैं. इससे पता चलता है कि लगातार भारत के लिए खेलना कितना कठिन है. दिनेश कार्तिक को एमएस धोनी के अच्छे प्रदर्शन से कारण ज्यादा मौके नहीं मिले लेकिन जब भी उन्हें मौके मिले वह उसे भुनाने में असफल हुए.

दिनेश कार्तिक ने भारत के लिए 94 एकदिवसीय मैच खेले हैं और आखिरी बार भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में एकदिवसीय मैच खेला था. उन्होंने 30 की औसत से 9 अर्द्धशतक बनाए हैं. कार्तिक कंसिस्टेंट खिलाड़ी नहीं रहे हैं, जिसे कारण वह अब टीम इंडिया से बाहर हैं.

4) रविचंद्रन अश्विन


अश्विन को अब तक के सबसे महान भारतीय स्पिनरों में से एक कहना सही है. वह भारत के अब तक के सबसे बड़े मैच विजेता रहे हैं. हालाँकि, यह कहा जाता है कि, उनका ODI रिकॉर्ड उनके टेस्ट या T20I रिकॉर्ड जितना अच्छा नहीं है.

अश्विन ने आखिरी बार 2017 में भारत के लिए एकदिवसीय मैच खेला था. आखिरी वनडे में 3 विकेट हासिल करने के बावजूद, उन्होंने कभी भी एक और एकदिवसीय मैच में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया. अश्विन ने 111 वनडे मैच खेले थे और 150 विकेट लिए थे. अश्विन जैसी दिग्गज खिलाड़ी ने वनडे क्रिकेट में देर से ही सही पर रेडर स्पिनरों की मांग की वजह से राडार से दूर हो गए.

5) अम्बाती रायडू



अंबाती रायडू को अब तक के सबसे अनलकी भारतीय खिलाड़ियों में से एक कहना सही है. 2004 के विश्व कप में भारत की अंडर -19 टीम का कप्तान होने के बावजूद, रायडू कभी भी भारतीय टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए. कई लोग उन्हें भारतीय क्रिकेट में अगली बड़ी चीज मानते थे.

रायडू ने भारत के लिए 50 एकदिवसीय मैच खेले हैं और 47 की औसत से 1694 रन बनाए हैं. भारत के एकदिवसीय सेटअप में लंबे समय तक नहीं चलने के बावजूद, उन्होंने अंततः 2018 के अंत में और 2019 की शुरुआत में भारत के नंबर 4 खिलाड़ी के रूप में अपने स्थान को सील कर दिया. 2019 वर्ल्ड कप में भारत के नंबर 4 बल्लेबाज होने के लिए तैयार थे, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से टीम से बाहर कर दिया गया था. यह विजय शंकर थे जिन्होंने उनकी जगह टीम में लिया था.

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