किस्सा: विराट कोहली ने बताया, सुबह 5 बजे तक छत को ताकते हुए क्यों गुजारी वो रात!




नई दिल्ली: कम उम्र में ही भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विराट कोहली अपनी बेटिंग स्किल्स और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही विराट कोहली ने वनडे में 12 हजार रन पूरे कर नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।


विराट कोहली की सफलता का राज क्या है? कोहली जब मैदान पर होते हैं तो क्या सोचते हैं? कोहली को क्रिकेट की पारियों के कौनसे किस्से सबसे ज्यादा रोमांचित करते हैं, इसका खुलासा खुद विराट कोहली ने किया है।

दरअसल, आस्ट्रेलिया की एक वेबसाइट के लिए स्टीव स्मिथ और विराट कोहली ने एक दूसरे का इंटरव्यू लिया। इस चैट में विराट कोहली और स्टीव स्मिथ ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर कई राज खोले।

कोहली ने बताया कि जब वह 18 साल के थे, तो उनके पिता का देहांत हो गया। यह उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण समय था, क्योंकि तब ही वे अपने करियर पर फोकस कर रहे थे। कोहली ने बताया कि वह हमेशा सोचते थे कि वे भारतीय जर्सी में हों और अपने देश के लिए मैच जीतें। कोहली ने कहा, पिता प्रेम मेरी प्रेरणा थे।

कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी एंट्री को लेकर कहा, मुझे याद है मैं श्रीलंका के खिलाफ सबसे पहले मैदान पर उतरा था। मैच से एक दिन पहले सहवाग प्रेक्ट्सि कर रहे थे, उस दौरान उनके एंकल में चोट लग गई, धोनी ने मुझसे अचानक पूछ लिया था, क्या तुम ओपनिंग करोगे? मैं शॉक था, मैंने कहा ठीक है। दूसरे दिन मैं मैदान पर था। मैंने पांच मैच खेले, प्रदर्शन काफी ठीक रहा, लेकिन मैं टीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि पूरी टीम ने अपनी वापसी कर ली थी।

उसके बाद मैंने 2009 चैंपियंस ट्रॉफी से वापसी की। पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरा तो सामने शाहिद अफ्रीदी थे। उन्होंने बॉल डाली, मैंने छक्का मारने के लिए शॉट मारा तो लॉन्ग आफ पर गया और मैं आउट हो गया। हम मैच हार गए। उसके बाद मैं रूम में सोने चला गया। सुबह 5 बजे तक छत को देखता रहा, सोचा मेरा काम तमाम हो गया। मैं टीम से आउट होने वाला हूं, लेकिन इसके दो दिन बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहान्सबर्ग में फ्रैश पिच पर मुझे एक और मौका मिल गया।

मैंने सोचा यही सही मौका है, लेकिन जैसे ही पहली बॉल 153 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मेरे सामने आई, मैंने सोचा, भाई ये क्या चल रहा है मेरे साथ? ये वही बॉल थी, जो मेरे बाइसेप्स पर लगी। उसके बाद एक स्लोअर बॉल पर मैंने जोरदार प्रहार किया और यह सीधे बाउंड्री पर लगी। मेरा कॉन्फिडेंस बिल्ड हो गया और मैंने नाबाद 80 रन बनाए और पहला मैन आफ द मैच भी मुझे मिला। तब मुझे लगा मैं आगे तक जा सकता हूं। इंग्लैंड से 2-0 सीरीज हारने और एक बुरे दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए कोहली ने कहा, मैंने कल्पना की थी कि हम शानदार प्रदर्शन करेंगे, लेकिन एक चौंकाने वाली शुरुआत के बाद नहीं।

कोहली ने कहा, यह मजेदार था, क्योंकि मैंने दो महीने तक तैयारी की, फिर हमने पहला टेस्ट खेलने के लिए इतनी तैयारी की। फिर मिचेल जॉनसन मुझे पहली ही गेंद पर सिर पर हिट करते हैं। "मैं सिर्फ यह सोचकर खड़ा था, 'मैंने दो-ढाई महीने की तैयारी की है और पहली गेंद मुझे सिर पर लगी। ये क्या चल रहा है?'

लेकिन फिर आप या तो लड़ते हैं या उड़ान भरते हैं। मुझे अपने आप पर दया आ रही थी कि मैंने इतनी देर तक तैयारी की कि मैं गेंद पर बल्लेबाजी भी नहीं कर सकता और कैसे आउट हो सकता हूं। कोहली ने तब आस्ट्रेलियाई बॉलर्स पर हमला करने का फैसला किया और इसे शानदार, क्रूर अंदाज में अदा किया। कोहली ने यह भी कहा कि मुझे यह बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा जब बैन के बाद स्मिथ मैदान पर लौटे और लोग इंग्लैंड में नारेबाजी कर रहे थे। कोहली ने कहा, कुछ भी स्थिर नहीं है। लोगों से गलतियां होती हैं और उनमें सुधार की गुंजाइश होती है। किसी भी व्यक्ति को टार्गेट बनाना सही नहीं है।

कोहली को टीम स्पिरिट के लिए आईसीसी 2019 अवॉर्ड मिल चुका है। दरअसल, कोहली ने अपने फैंस को स्मिथ के खिलाफ नारेबाजी करने से रोका था, जब स्मिथ बाउंड्री पर थे तो लोग नारेबाजी कर रहे थे।

वहीं स्मिथ ने कहा कि सचिन और रिकी पोंटिंग को खेलते देखना उन्हें काफी रोमांचित करता था। स्मिथ टीम में लेग स्पिनर के तौर पर आए थे, लेकिन वह हमेशा विराट की तरह बैटिंग से दर्शकों को रोमांचित करना चाहते थे।

स्मिथ ने कहा, ''यह 2012 की बात है जब मैं मैदान पर उतराा। मैंने एक स्पिनर के रूप में दो टेस्ट खेले, एक ऑलराउंडर के रूप में तीन, मैं छह पर बल्लेबाजी कर रहा था, इसके बाद मैं ड्रॉप कर दिया गया, इसलिए मैंने सोचा कि 'ऑस्ट्रेलियाई टीम में वापसी करने और सफल करियर बनाने का सबसे अच्छा तरीका क्या था?'स्मिथ ने बैन के बाद मैदान पर वापसी और लोगों की नारेबाजी के बारे में कहा, जब मैं पहली बार वापस आया था तो मेरे प्रति बहुत अधिक नकारात्मक चीजें थीं और मुझे लोगों को गलत साबित करना था। इसलिए यह इस तरह का है कि 'आप लोग मुझे उकसा रहे हैं, आपको डरा रहे हैं। मैं कोशिश करने जा रहा हूं और जो कुछ भी मैं कर सकता हूं। मुझे बस एक प्लेटफॉर्म चाहिए था, जिस पर मैं अपनी प्रतिभा साबित कर सकूं, मुझे मैदान मिला और आज मेरा क्रिकेट करियर सबके सामने है।

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