सुबह पूजा में दीपक जलाते हुए बोलें ये 2 शब्द का मंत्र, छप्पर फाड़ बरसेगी दौलत#`



हिन्दू धर्म में सदियों से पूजा पाठ का बहुत ही महत्व माना गया है और हमारे हिन्दू धर्म में लोग भगवान् पर बहुत ही भरोसा करते हैं| उनको अपना देवता मानते हैं| दोस्तों हम सब अपने घरो में रोज़ सुबह स्नान करने के बाद पूजा करर्ते हैं और अपने भगवान् से अपने सुख शांति की कामना करते हैं| हमारे धर्मों और शास्त्रों में विषम संख्या में दीपक जलाया जलाने की परम्परा हैं क्योंकि विषम संख्याओ को शुभ माना जाता है ।ऐसा माना जाता है कि दीपक प्रज्वलित करके हम अपने जीवन के अज्ञान का अंधकार मिटाकर ज्ञान का प्रकाश करते हैं ।

हमारे धर्म और शास्त्र में दीपक जलाना अनिवार्य माना गया हैं। आरती करने के पश्चात दीपक जलाने से घर में सुख शांति और समृद्धि आती है ।

इससे घर में लक्ष्मी का स्थायी रूप से वास होता है । इतना ही नही हमारे शास्त्रों में भी दीपक के अलावा पंचामृत का बहुत महत्व है और घी पंचामृत मे से एक माना गया है।जैसा इ हम सभी जानते है की हम सब अपनी सुख शांति के लिए रोज़ पूजा पाठ करते हैं|

हिन्दू धर्म में जितना महत्व मंत्रोच्चारण और ईश्वर के प्रति आस्था से है, उतना ही महत्व कर्म कांडों का भी है। कर्म कांडों से हमारा आशय, हवन-पूजन, आदि से है। आपने देखा होगा लगभग हर हिन्दू परिवार में मंदिर स्थापित होता है और नित्य दिन उस मंदिर में स्थापित ईश्वर की आराधना हेतु पूजा की जाती है।पूजा-अर्चना करने के पीछे आस्था का होना एक बड़ी वजह है। आपको बता दे की दीपक जलाना भी पूजा करने का एक तरीका है। मुख्यत: हिन्दू धर्म में सरसो के तेल या फिर देसी घी में दीपक जलाने का प्रावधान मौजूद है। लेकिन यह दीपक आपके रुके हुए कार्यों और अधूरी इच्छाओं को किस तरह पूरा कर सकता है|

घर में दीपक जलाने का धार्मिक कारण भी है। घर में सुबह और शाम के वक्त दीपक जलाने से घर का अंधकार दूर होता है और साथ साथ दीपक घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है| तेल से जले दीपक का प्रभाव उसके बूझने के आधे घंटे बाद तक वातावरण में बना रहता है जबकि घी का दीपक बूझने के बाद करीब चार घंटे तक वातावरण को सकारात्मक रखता है| जिस घर में सुबह शाम को दीपक जलता है वहां कभी अंधकार नहीं होता और उस घर में हमेशा सुख-समृद्धि का वास होता है. दीपक जलाना ना सिर्फ धार्मिक नजरिए से फायदेमंद है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी हमारे लिए फायेदेमंद है| जब घर में शुद्ध घी या सरसों के तेल से दीपक जलाया जाता है तो उसके धुएं से घर के माहौल में सात्विकता आती है और इससे आसपास के वातावरण में मौजूद हानिकारक कणों का भी नाश हो जाता है|

कुछ लोग घर में गाय के घी का दीपक जलाते हैं जिसमें रोगाणुओं को दूर भगाने की क्षमता होती है । गाया का घी जब अग्नि के संपर्क में आता है तब इतना ही नहीं जलता हुआ दीया शुभ शक्तियों को चुंबक की तरह अपनी तरफ खींचता है| आज हम आपको एक ऐसा मंत्र बताने जा रहे हैं जिससे आपकी साडी अप्रेशानियाँ ख़त्म हो जाएँगी और आप का रुका हुआ काम भी पूरा होगा| वो मंत्र कुछ इस प्रकार है|

शुभम् करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्।

शत्रुबुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते।

आपको एक बात का ध्यान रखना है की दीपक जाने के बाद इसे प्रणाम भी करना है ऐसा करने से घर में शुभ ही शुभ होता है,और पूजा में घी का दीपक अपने बाएं हाथ की ओर तथा तेल का दीपक दाएं हाथ की ओर जलाना चाहिए।पूजा के बीच में दीपक कभी भी बुझना नहीं चाहिए। ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है।


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