अगर आपके पास भी हैं 1, 2 और 5 के पुराने नोट, तो ज़रूर पढ़ें ये खबर, भारत सरकार ने बनाया है ये नियम




समय के साथ हर देश अपनी करेंसी में बदलाव करता रहता है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। डिमॉनेटाइजेशन के जरिये अचानक पुराने नोट पर रोक लगाकर नए नोट लागू होते हुए हम सबने देखा था। समय के साथ भारत में छपते नोटों का रूप बदलता आया है। कई बार पुराने नोट पूरी तरह रोक दिए जाते हैं तो कई बार धीरे-धीरे अपने आप ही उनका चलन बंद हो जाता है। इन नोटों को लेकर लोगों को साफ़ जानकारी नहीं मिल पाती। इन्हीं में शामिल हैं 1, 2 और पांच के नोट। जी हां, आज के समय में ये नोट छपते तो नहीं है, क्यूँकि आरबीआई को ऐसा लगता है कि अब इनकी जरुरत नहीं है। लेकिन इसके साथ ही आपको बता दें कि ये नोट अभी भी कई लोगों के पास मौजूद है। ऐसे में उन्हें पता ही नहीं है कि इन नोटों का करें क्या? आज हम आपके इसी सवाल का जवाब लेकर आए हैं।

भारत में कई सालों में कई तरह के नोट छपते आए हैं। देश में भारतीय रिजर्व बैंक को नोट छापने की इजाजत है। शुरू से ही ये ऑर्गेनाइजेशन नोट छाप रही है। अभी तक देश ने कई तरह के नोट और सिक्के चलते और बंद होते देखे हैं।




अभी के समय में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000 का नोट छापता है। इन्हें बैंकनोट भी कहते हैं। इन्हें आरबीआई छापती है। इसके अलावा अभी किसी और तरह के नोट नहीं छापे जाते हैं।




हालांकि कुछ समय पहले तक 1, 2 और 5 के नोटों की छपाई भी होती थी। हालांकि, अब इन्हें ये कहकर रोक दिया गया है कि इनकी जरुरत है नहीं। लोग इतने कम अमाउंट के नोट का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते।




हालाँकि, अभी भी ऐसे कई लोग हैं, जिनके पास 1, 2 और 5 के नोट मौजूद हैं। जब इन नोटों को दुकान में चलाने का प्रयास किया जाता है तो दुकानदार ये बोलकर लोगों को लौटा देता है कि ये नोट अब नहीं चलते।




लेकिन आपको बता दें कि ऐसा नहीं है। ये नोट अभी भी चलन में है और इनका इस्तेमाल किया हां सकता है। ये पूरी तरह वैध है। अगर कोई इन्हें लेने से इंकार कर रहा है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।



बात अगर नोटों की छपाई के इतिहास की करें, तो अभी तक सबसे बड़े अमाउंट का जो नोट छापा गया था उसकी वैल्यू 10 हजार थी। 1938 में 10 हजार का नोट छापा गया था। जिसे 1946 में अवैध घोषित कर दिया गया था।




1954 में इसे दुबारा से छापा जाने लगा था। लेकिन 1978 में इसे फिर से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा 1 हजार के नोट भी अब बंद हो चुके हैं। ये सभी नोट आरबीआई ही छापता है।




यहां एक बात जो गौर करने लायक है, वो ये कि सभी नोटों में सिर्फ 1 रुपए के नोट आरबीआई नहीं छापती। इसे छापने का अधिकार भारत सरकार को है। इसके अलावा बाकी सारे नोट बैंक ऑफ इंडिया के तरफ से छपते हैं।

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