कुत्ते को काटने को हल्‍के में न लें, तुरंत ये उपचार करने से नहीं फैलता है जहर

रेबीज एक घातक बीमारी है जो कुत्ते के काटने से फैलता है. ये मानव ब्रेन को प्रभावित करती है तथा प्रतिवर्ष होने वाली हजारों मौतों का कारण भी बनती है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बच्चे कुत्ते के काटने के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं, इसलिए उन्हें रेबीज से संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है. रेबीज वायरस के कारण होने वाला वायरल रोग है.

यह वायरस घाव व खरोंच या संक्रमित जानवर के काटने के सीधे संपर्क में आने के माध्यम से पशुओं द्वारा मनुष्यों में फैलता है. यह चोट व घाव या मानव शरीर की सतह छुने के माध्यम से नहीं फैलता हैं. यह वायरस, मानव स्किन या मसल्‍स के संपर्क में आने के बाद रीढ़ की हड्डी और ब्रेन की ओर प्रसारित हो जाता हैं. इस वायरस के ब्रेल में पहुंचने के बाद, इसके लक्षण और संकेत संक्रमित व्यक्ति में दिखाई देने लगते हैं.

घर के आस-पास कई आवारा कुत्ते होते हैं जिन्हें कई तरह की बीमारियां लगी होती हैं. कई बार घर के बाहर घूमते समय अचानक कुत्ता काट लेता है जिससे काफी पीड़ा होती है. आवारा कुत्ते के काटने से रेबीज के बैक्‍टीरिया शरीर में चले जाते हैं जिससे व्यक्ति को पागलपन जैसी समस्या हो सकती हैं. कुत्ते के काटने पर घाव को पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. लेकिन कई बार अस्पताल नजदीक नहीं होता तो ऐसे में इंफेक्शन से बचने के लिए आप तुरंत ये उपाय कर सकती हैं. हालांकि रेबीज एक घातक रोग है, फ़िर भी इस बीमारी को रोकने में वेक्सिनेशन सौ प्रतिशत कारगर हैं.

रेबीज को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण चरणों का पालन किया जाना चाहिए, जैसे कि रेबीज के बारें में विशेष रूप से बच्चों के बीच जागरूकता प्रसारित की जानी चाहिए. आवारा जानवरों के अनावश्यक संपर्क से बचना चाहिए. घरेलु कुत्तों के साथ-साथ आवारा कुत्तों को भी जरूरी इंजेक्‍शन लगाने चाहिए.

रेबीज से संक्रमण के लक्षण

– घाव वाले स्थान पर दर्द या खुजली होना

– बुख़ार

– दो-चार दिन के लिए स्थायी सिरदर्द होना

– व्यवहार में परिवर्तन

कुत्ता काटने पर तुरंत करें ये उपाय

– चोट को सबसे पहले डिटर्जेंट साबुन से लगातार काफी देर तक धोना चाहिए.

– घाव धोने के बाद उसपर कोई भी एंटीसेप्टिक क्रीम लगा दें जैसे डेटॉल, स्प्रिट, बीटाडीन आदि.

– घाव को खुला रखें. अत्‍यधिक ब्‍लड होने पर इस पर साफ पट्टी बांध सकते हैं.

– अक्‍सर लोग घाव पर पीसी मिर्च, मिट्टी का तेल, नीम की पत्ती, चूना, एसिड आदि लगा देते हैं जो नुकसानदायक होता है. घाव पर इनका इस्‍तेमाल बिल्‍कुल भी न करें.

कुत्ते के काटने पर इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि कुत्ता रेबीज संक्रमित है या नहीं. लेकिन कुत्ते को काटने को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए क्‍योंकि इनका जहर बहुत खतरनाक होता है. क्‍या आप जानते हैं कि इनकी लार भी रेबीज संक्रमित होती है. बहुत से लोग इस बात से अनजान होते हैं कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद रेबीज का इंजेक्‍शन लगवाना बेहद जरूरी होता है क्‍योंकि वैक्‍सीनेशन में लापरवाही व्‍यक्ति की मौत का कारण भी बन सकता है.

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