भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए जपें यह मंत्र, फिर देखें चमत्कार

भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए जपें यह मंत्र, फिर देखें चमत्कार

पुराणों में वर्णित है कि भगवान महादेव को भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है, ये अपने भक्तों की पुकार शीघ्र ही सुन लेते हैं और उन्हें मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि सच्चे मन से इनकी पूजा माता पार्वती के साथ करने से ये मनचाहा फल प्रदान करते हैं। महादेव की पूजा में विभिन्न व्रत पूजन का अलग-अलग महत्व है। यही नहीं किसी भी मंत्र का जप भी पूजा एवं विधि के अनुसार ही किया जाता है, जिसके उपरांत उसका फल प्राप्त होता है। इसी प्रकार ऐसे कुछ मंत्र हैं जिनके जाप, स्मरण से देवाधि देव महादेव भक्तों की प्रार्थना अवश्य ही सुनते हैं।

यदि कुंडली में प्रबल है ये योग

महादेव के महामृत्युंजय मंत्र के बारे में तो आपने सुना ही होगा। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मृत्यु योग प्रबल है तो उसे या उस व्यक्ति के निमित्त महामृत्युंजय मंत्र का जाप सवा लाख बार करने से मृत्यु योग टल जाता है। इसकी महिमा का बखाना पुराणों में बड़े ही विस्तार से किया गया है। कहा जाता है कि जो भी इस मंत्र का जाप कर महादेव का स्मरण करता है स्वयं काल भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

शिवपुराण में मिलता है उल्लेख

शिवपुराण में इसकी महिमा बड़े ही विस्तार से जानने मिलती है। ऐसे अनेक उदाहरण पुराणों में मिलते हैं, जिनमें इस मंत्र के जप से भक्तों ने काल को भी पराजित कर दिया। कठिन व संकट के पलों से उन्हें छुटकारा मिला और मंत्र की महिमा पूर्व से अधिक प्रबल हुई।

चमत्कारी महामृत्युंजय मंत्र-

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

लघु महामृत्युंजय मंत्र-

ॐ जूं सः

मृत्यु के बाद मिलेगा जीवनचक्र से छुटकारा

महामृत्युंजय मंत्र के अतिरिक्त पंचाक्षरी मंत्र के महत्व को भी स्वीकार किया गया है। इसके संबंध में बताया जाता है कि किसी भी संकट या मुश्किल की घड़ी में इस मंत्र का जाप करने से समस्या का समाधान होता है। महादेव अपने भक्तों की रक्षा एवं मार्गदर्शन स्वयं करते हैं यही नहीं यह मंत्र मृत्यु के उपरांत मोक्ष दिलाने वाला भी बताया गया है। अर्थात् कहा जाता है कि यदि इस मंत्र का जप किया जाए तो भक्त को जीवनचक्र से मुक्ति प्राप्त होती है और वह अनंत की यात्रा की ओर प्रस्थान कर दिव्यज्योति में समाहित हो जाता है।

ॐ नमः शिवाय

इसके अतिरिक्त सबसे श्रेष्ठ और सरल मंत्र है ॐ नमः शिवाय, यदि व्यस्तता के चलते आप किसी भी मंत्र या शिव मंत्रों का जाप नहीं कर पा रहे हैं तो एक मात्र इस मंत्र का स्मरण जाप करने से भी आपको लाभ प्राप्त होगा। एकमात्र ॐ का जाप करने से भी मनुष्य की इंद्रियां शिथिल होती हैं। मस्तिष्क सुचारु रुप से काम करने लगता है। निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है और वह कठिन परिस्थितियों का सामना करने में भी सक्षम बनता है। यही वजह है कि किसी भी पूजन में अधिकांशतः इसी का जप किया जाता है। यही नहीं यह भी माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी मंत्र से हुआ था।

विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक

वैसे तो साधारण पूजा से भी महादेव प्रसन्न हो जाते हैं, किंतु यदि आप किसी भी पूजन विधान या विशेष अनुष्ठान को करने जा रहे हैं तो इसके लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत ही आवश्यक है। क्योंकि किसी भी पूजा विधान में चूक होने पर उसके विपरीत परिणाम सामने आने में भी देर नहीं लगती। यही वजह है कि ज्योतिष से लेकर प्रत्येक विधा और पूजन के लिए विषय विशेषज्ञों की सलाह ली जाती है। इसका उल्लेख भी पुराणों मिलता है और पूजन विधान में इसके लिए भी पुण्य फल प्राप्त होना बताया गया है।



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