पपीते का सेवन करने के फायदों के साथ कई नुकसान भी होते हैं, जानें साइड इफेक्‍ट्स!

पपीते का सेवन करने के फायदों के साथ कई नुकसान भी होते हैं, जानें साइड इफेक्‍ट्स!

 पपीते में कैलोरी बहुत कम पाई जाती है। गर्मियों में इस फल के सेवन के कई सारे फायदे होते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट्स, कैरोटिनॉइड्स से भरपूर इस फल के सेवन से आंखों से संबंधित समस्याएं दूर हो सकती हैं। इसके अलावा मानसून में फैलने वाली डेंगू के लिए भी पपीते की पत्तियां बेहद लाभकारी होती हैं। इन सबके अलावा भी कई सारे फायदे पपीते के सेवन से मिलते हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में इसके सेवन के नुकसान भी होते हैं। आज हम आपको ऐसे ही 5 नुकसान के बारे में बताने वाले हैं।

गर्भावस्था में नुकसानदेह 

ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स गर्भवती महिलाओं को पपीते से पूरी तरह परहेज करने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक पपीते, उसके बीज तथा उसकी पत्तियां तक भ्रूण की सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं। एक कच्चे पपीते में भारी मात्रा में लैटेक्स पाया जाता है जो गर्भाशय संबंधी जटिलताओं की वजह होता है। पपीते में पाया जाने वाला पपैन शरीर की कई ऐसी झिल्लियों को नुकसान पहुंचाता है जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक होते हैं।

पाचन संबंधी समस्याएं

पपीते में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है। कब्ज के रोगियों के लिए यह बेहतर फल है लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन पेट संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। इसमें मौजूद लैटेक्स पेट दर्द जैसी समस्याएं दे सकता है। ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से डायरिया होने की भी संभावना होती है।

दवाओं के साथ हानिकारक 

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक पपीता ब्लड थिनिंग मेडिकेशन के साथ इंटरएक्ट करते हैं। ऐसे में ईजी ब्लीडिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ब्लड प्रेशर कम करे

किण्वित पपीता खाने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए यह बेहद घातक होता है। ऐसे में डायबिटीक लोगों को पपीता खाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

एलर्जी की वजह

पपीते में पाया जाने वाला पपैन खास तरह की एलर्जी की वजह हो सकता है। ऐसे में खुजली, चक्कर आना, सरदर्द और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सांस संबंधी समस्याएं

पपीते में पाए जाने वाले पपैन एंजाइम की वजह से इसका ज्यादा मात्रा में सेवन आपको सांस संबंधी बीमारियों का शिकार बना सकता है। ऐसे में अस्थमा, कॉग्नेशन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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