UAE में IPL कराने के लिए सरकार की हरी झंडी पर टिकीं नजरें



इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की गवर्निंग काउंसिल (GC) के सदस्य जब रविवार को बैठक करेंगे तो इसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में टी20 लीग की मेजबानी के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी की स्थिति के बारे में अपडेट किया जाएगा. इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए फुलप्रूफ मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) पर चर्चा और चीनी प्रायोजकों के संबंध में बात की जाएगी.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) आईपीएल को संयुक्त अरब अमीरात में कराने के लिए तैयार है, पता चला है कि बृजेश पटेल की अगुवाई वाली संचालन परिषद के 10 सूत्री एजेंडे में सरकार की मंजूरी की स्थिति सबसे ऊपर है.

उम्मीद है कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह (दोनों का ‘कूलिंग ऑफ’ समय में छूट का मामला सुप्रीम कोर्ट में है), कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज के साथ स्थायी आमंत्रित सदस्यों के तौर पर बैठक में हिस्सा लेंगे.

संचालन परिषद (GC) के बारे में जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘हमारी रविवार को बैठक है, लेकिन हर कोई गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से टूर्नामेंट के यूएई में कराए जाने को लेकर हरी झंडी का इंतजार कर रहा है.’

पता चला है कि चीन की मोबाइल कंपनी ‘वीवो’ के साथ करार के भविष्य को लेकर भी चर्चा होगी जो टाइटल प्रायोजन के लिए 440 करोड़ रुपये देता है. इन सबमें सबसे अहम पहलू है - मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP), जो फ्रेंचाइजी को सोमवार को होने वाली चर्चा के लिए सौंपी जाएगी, जिसमें वे अपनी चिंताओं से संबंधित सवाल उठा सकते हैं.

रविवार को होने वाली बैठक में आईपीएल एजेंडे की मुख्य बातें इस प्रकार होंगी -

1- गवर्निंग काउंसिल की पिछली तीन बैठकों के मिनट को स्वीकृति.

2- सरकार की मंजूरी का इंतजार, हालांकि यूएई सरकार से आधिकारिक स्वीकृति का भी इंतजार है, जो एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा हासिल की जाएगी.

3- टूर्नामेंट का शेड्यूल: टूर्नामेंट 19 सितंबर से शुरू होकर या तो 51 दिनों का होगा या फिर 53 दिनों का, अगर फाइनल को 10 सितंबर को कराया जाता है, जिससे प्रसारकों को दिवाली के हफ्ते का फायदा मिल जाएगा.

4- चीनी प्रायोजक के संबंध में फैसला: वीवो टाइटल प्रायोजक है, जबकि पेटीएम, ड्रीम 11, बाईजूस और स्विगी में चीनी निवेश है. भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव को देखते हुए इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी. पूरी संभावना है कि वीवो अपना मौजूदा अनुबंध पूरा करेगा. जिससे बीसीसीआई को एक साल में 440 करोड़ रुपये मिलते हैं और अंतिम समय में नया प्रायोजक ढूंढना मुश्किल होगा.

5- SOP: इसके लिए 240 पेज का दस्तावेज तैयार किया जा चुका है जो फ्रेंचाइजी को दिया जाएगा. इसमें कोविड-19 परीक्षण से लेकर जैव सुरक्षित माहौल बनाने के बारे में सुरक्षा संबंधित उपाय शामिल हैं. इसमें टीम की संख्या को लेकर भी निर्देश होंगे, जिनके 40 तक सीमित होने की संभावना है.

बीसीसीआई की एसओपी को फ्रेंचाइजी द्वारा अपग्रेड किया जा सकता है, लेकिन वे इसे कम नहीं कर सकते. पता चला है कि बीसीसीआई परिवारों को ले जाने के संबंध में फैसला फ्रेंचाइजी पर छोड़ देगा.

6- आईपीएल जीसी के सदस्यों को यात्रा करने का मौका मिलेगा या नहीं. सामान्य रूप से वे यात्रा करते हैं, लेकिन जब स्वास्थ्य संबंधित संकट छाया हुआ है तो सदस्यों को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी या नहीं.

अधिकारी ने कहा, ‘आईपीएल जीसी में कुछ सीनियर नागरिक भी हैं और यात्रा में जोखिम होगा या नहीं, इस पर काफी विचार की जरूरत होगी.’

7- खिलाड़ी की जगह किसी अन्य को शामिल करना: अगर मूल टीम में खिलाड़ी यात्रा नहीं कर पाता है तो उसकी जगह खिलाड़ी को कैसे शामिल किया जाएगा. जैसे दक्षिण अफ्रीका की सीमा इस समय बंद है और क्विंटन डि कॉक, कैगिसो रबाडा, इमरान ताहिर और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ी अपनी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए अहम हैं.

8- बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) की गतिविधियां: अधिकारी ने कहा, ‘संभावना है कि बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एसीयू टीम को रखकर उनकी सेवाएं ले सकता है और उन्हें उनकी सेवाओं का भुगतान करेगा.’

9- बीसीसीआई की अपनी चिकित्सा इकाई को यूएई लेकर जाएगा या फिर वहीं पर चिकित्सकों की टीम तैयार करेगा.

10- उन विशेषज्ञों के साथ बैठक, जिन्होंने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट (ECB) का जैव सुरक्षित माहौल तैयार किया है. इंग्लैंड ने हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ जैव सुरक्षित माहौल में सीरीज खत्म की है और अभी आयरलैंड से खेल रहा है, जिसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेली जाएगी.

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