इन योगासनों से महिलाएं खुद को रख सकती हैं सेहतमंद

इन योगासनों से महिलाएं खुद को रख सकती हैं सेहतमंद

घर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं पर होती है क्योंकि परिवार के सभी सदस्यों का ख्याल महिलाओं को ही रखना होता है. यदि महिलाएं ही बीमार हो गईं तो घर में सब कुछ अस्त-व्यस्त हो जाता है. ऐसे में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का सबसे ज्यादा ख्याल रखना चाहिए. अपना ख्याल रखने के लिए योगासन से बेहतर कोई उपाय नहीं है. आइए जानते हैं इन योगासनों के बारे में -

मार्जरी आसन

घुटनों और हाथों के बल बैठकर सांस छोड़ते हुए सिर को छाती की तरफ लाएं और फिर ऊपरी कमर को बाहर की ओर करें. इससे ऊपरी पीठ में खिंचाव होगा. सांस लेते हुए सिर को ऊपर की ओर ले जाएं. इससे छाती पर खिंचाव आएगा. शुरुआत में यह योगासन 2 से 3 मिनट ही करें. आदत हो जाने पर यह आसन ज्यादा देर के लिए किया जा सकता है. इस आसन से कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी और गर्दन की चोट ठीक होती है.

बालासन

वज्रासन की मुद्रा में जमीन पर बैठ जाए. सांस खींचते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के ऊपर ले जाएं. इस आसन में दोनों हथेलियां जब तक जमीन पर टिक नहीं जाती तब तक आगे झुकें. इसमें लंबी सांस लें और छोड़ें. इस मुद्रा में 30 सेकेंड से 2 मिनट तक बने रहें. इस आसन को करने से जांघों की चर्बी कम होती है. कंधे और कमर दर्द में राहत मिलती है. इस आसन को गर्भावस्था के दौरान नहीं करना चाहिए.

विपरीतकर्णी आसन

जमीन पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं, फिर दोनों टांगों को 45 डिग्री तक उठाएं. इसके बाद कमर को हाथों से सहारा देते हुए कूल्हों को भी ऊपर की ओर उठाएं, फिर 90 डिग्री तक पैरों को ले जाएं. हाथ से कमर को सहारा देते रहे. इस मुद्रा को 30 से 60 सेकंड तक करते रहें. इस आसन को करने से पाचन, गठिया, माइग्रेन जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है. माहवारी के दौरान इस आसन को नहीं करना चाहिए.

वृक्षासन

ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाएं, अब दाएं पैर को मोड़कर पंजे को बाएं पैर की जांघ वाले हिस्से पर टिकाएं. इसके बाद पंजे जमीन पर रखें और एड़ी ऊपर की ओर उठाएं. बाएं पैर पर संतुलन रखते हुए खड़े रहें. दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और सिर के सीधा ऊपर दोनों हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ें. इस आसन में 30 से 60 सेकंड के लिए ऐसे ही खड़े रहें. इस वृक्षासन को करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. गर्भवती महिलाएं इस आसन को डॉक्टर के परामर्श पर ही करें.

उत्तानासन- पेट और कमर की चर्बी कम

अधिकतर महिलाएं पेट और कमर के आस-पास के बढ़ी हुई चर्बी से परेशान रहती हैं, क्योंकि यह न केवल उनकी बॉडी शेप को बिगाड़ देती है, बल्कि इससे कई तरह की बीमारियां भी घेर लेती हैं. इसलिए पेट और कमर की चर्बी को कम करने के लिए उत्तानासन सबसे अच्छा योगासन है. इस आसन को करने से कंधे और हाथों की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं.

शंशाकासन से लाभ

नियमित रूप से इस आसन को करने से शरीर मजबूत और लचीला बनता है. पाचन प्रणाली सक्रिय होती है और कब्ज को दूर करता है. क्रोध, भय, शोक, आदि आवेश तथा भावनात्मक असंतुलन को कम करता है. कई बीमारियों जैसे हृदय रोग, दमा, मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए उपयोगी योग है. पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम कर मोटापा दूर करने में सहायक है.

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