किसान ने हाइवे के डिवाइडर पर सोयाबीन की खेती कर ली!

जब सोयाबीन के पौधे 3 फुट लंबे हो गए तो यह खुलासा हुआ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की खबरें तो आपने काफी सुनी और देखी होगी। उस पर मकान या दुकान बनाने या खेती करने की बात सामान्य है किंतु मध्य प्रदेश के बेतुल में तो एक किसान ने हद ही कर दी। उसने नेशनल हाईवे के डिवाइडर पर ही खेती कर दिया। पूरे डिवाइडर पर दूर-दूर तक फसल लहराता दिखाई दिया। 

लोग यही समझते रहे कि यह बारिश में उगा कोई जंगली पौधा है। जैसे-जैसे सभी पौधे बड़े होते गए तब पता चला कि यह तो सोयाबीन का फसल है। भोपाल-बेतुल फोरलेन पर गाडिय़ां रोज वहां से गुजरती हैं। बारिश का मौसम है। इस फोरलेन के डिवाइडर पर कुछ दिनों से हरे-भरे पौधे लहरा रहे थे। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। सामान्य तौर पर लोग ऐसा समझकर आगे बढ़ जाते कि बारिश में उगे कोई जंगली पौधे होंगे। खाली जगह का उपयोग मामला बेतूल- भोपाल फोरलेन हाईवे के किनारे बसे उडदन गांव का है। जहां के एक किसान ने फोरलेन के बीच बने डिवाइडर में लगभग 500



जब सोयाबीन के पौधे 3 फुट लंबे हो गए तो यह खुलासा हुआ

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की खबरें तो आपने काफी सुनी और देखी होगी। उस पर मकान या दुकान बनाने या खेती करने की बात सामान्य है किंतु मध्य प्रदेश के बेतुल में तो एक किसान ने हद ही कर दी।

उसने नेशनल हाईवे के डिवाइडर पर ही खेती कर दिया। पूरे डिवाइडर पर दूर-दूर तक फसल लहराता दिखाई दिया। लोग यही समझते रहे कि यह बारिश में उगा कोई जंगली पौधा है। जैसे-जैसे सभी पौधे बड़े होते गए तब पता चला कि यह तो सोयाबीन का फसल है।

भोपाल-बेतुल फोरलेन पर गाडिय़ां रोज वहां से गुजरती हैं। बारिश का मौसम है। इस फोरलेन के डिवाइडर पर कुछ दिनों से हरे-भरे पौधे लहरा रहे थे। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। सामान्य तौर पर लोग ऐसा समझकर आगे बढ़ जाते कि बारिश में उगे कोई जंगली पौधे होंगे।



खाली जगह का उपयोग

मामला बेतूल- भोपाल फोरलेन हाईवे के किनारे बसे उडदन गांव का है। जहां के एक किसान ने फोरलेन के बीच बने डिवाइडर में लगभग 500 मीटर तक सोयाबीन की खेती की है। ये सब अचानक नहीं हुआ बल्कि एक महीने पहले डिवाइडर के बीच की जगह में सोयाबीन का फसल उगाया गया। शुरुआत में तो लोगों को यह कोई सामान्य पौधा ही लगा, किंतु जब सोयाबीन के पौधे 3 फुट लंबे हो गए तो यह खुलासा हुआ कि डिवाइडर के बीच कोई जंगली पौधा नहीं अपितु सोयाबीन का फसल लहरा रहा है। न तो नेशनल हाईवे प्रशासन ने इस पर ध्यान दिया और न तो जिला प्रशासन ने।



लोगों ने दी खबर


कुछ लोगों ने जब जिला प्रशासन को इस बात की सूचना दी तो रेवेन्यु विभाग जांच करने के लिए पहुंचा। उन्होंने पुष्टि की कि डिवाइडर के बीच सोयाबीन ही लहरा रहा है। रेवेन्यु ऑफिसर ने तुरंत इस मामले में जांच का आदेश दिया और किसान को तुरंत फसल को नष्ट करने की बात की। दूसरी तरफ किसान का कहना है कि उसने जमीन पर कब्जा करने और अन्य किसी इरादे से ऐसा नहीं किया, किंतु सोयाबीन क ी बुवाई करने के बाद उसके पास कुछ बीज बच गए थे। इसलिए उसने डिवाइडर की खाली जगह में बीज बो दिया था।

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