Twitter पर हुए बड़े हैकिंग अटैक को लेकर कंपनी ने दी अहम जानकारी, कर्मचारियों को वश में किया गया

Twitter पर हुए बड़े हैकिंग अटैक को लेकर कंपनी ने दी अहम जानकारी, कर्मचारियों को वश में किया गया

जैसे-जैसे अधिकतर लोग अब इंटरनेट की ओर बढ़ रहे है, वैसे ही साइबर क्राइम भी एक अलग ही लेवल पर पहुंच गया है। इसमें लोगों के लिए बड़ा खतरा तैयार हो गया है। ठगी से लेकर लोगों के नीजि जीवन में साइबर क्रिमिनल घुसपैठ कर रहे हैं। जुलाई के महीने में ही 15 तारीख को ट्विटर पर भी एक बड़ा साइबर अटैक हुआ था, इसमें दुनिया के कई बड़े लोग फंसे थे। इस हमले को लेकर ट्विटर ने कुछ अहम जानकारी साझा देते हुए बताया कि हैकर्स ने कंपनी के कुछ खास कर्मचारियों को निशाना बनाया था। इन्हीं के जरिए साइबर हमला करने वालों ने दुनियाभर की कई हस्तियों के खातों में सेंध लगाई थी।

15 जुलाई, 2020 को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और आईफोन की निर्माता कंपनी एप्पल समेत दुनिया के कई बड़े कारोबारियों और नेताओं के ट्विटर अकाउंट हैक कर लिए गए थे।

ट्विटर हैंडल हैक करने के बाद इसपर एक खास तरह के मेसेज पोस्ट किए गए। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी ट्विटर हैंडल हैक कर लिया गया। संदेशों से स्पष्ट है कि क्रिप्टोकरंसी स्कैम के उद्देश्य से ऐसा किया गया। ये मेसेज थोड़ी देर बाद डिलीट भी कर दिए गए।

हैक करने वाले ने मेसेज में एक लिंक डाला जिसपर बिट कॉइन का लेनदेने किया जा सकता है। पोस्ट किया गया, ‘आप हमको 5000 बिट कॉइन देने वाले हैं।’ जानकारी के बाद वेबसाइट के डोमेन को कैंसल कर दिया गया। ऐमजॉन के को-फाउंडर जेफबेजोस और बिल गेट्स के ट्विटर हैंडल हैक करके भी इसी तरह के पोस्ट किए गए।

ट्विटर ने क्या कहा?

ट्विटर ने कहा है कि 15 जुलाई 2020 को हुए फोन स्पीयर फिशिंग अटैक में उसके कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। उस हमले निशाना बने कर्मचारियों की संख्या कम रही। इस साइबर हमले का मकसद कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए महत्वपूर्ण और ठोस प्रयास करना था। साथ ही कंपनी के आंतरिक सुरक्षा तक पहुंचा बनाना था। इसके लिए मानवीय कमजोरियों का इस्तेमाल किया गया।


कंपनी ने आगे बताया कि कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद वह उन दूसरे कर्मचारियों को निशाना बनाने में सक्षम हुए जिनके पास हमारी अकाउंट सपोर्ट टूल का एक्सेस था। इसके बाद साइबर हमला करने वालों ने करीब 130 ट्विटर खातों में सेंध लगाकर 45 ट्वीट किए, 36 इनबॉक्स मैसेज भेजे और सात खातों से डाटा डाउनलोड किया।

वहीं, इस घटना के बाद ट्विटर ने कहा कि हमको ट्विटर अकाउंट हाईजैक होने की जानकारी है। फिलहाल हम मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही इसको दुरुस्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं। हम जल्द ही सबको अपडेट देंगे। ट्विटर ने कहा कि हम इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं, जिसके चलते यूजर अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट नहीं कर पा रहे होंगे और न ही पासवर्ड रिसेट कर पा रहे होंगे।

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