आज नाग पंचमी के दिन आजमाएं ये चमत्कारी उपाय, मिट जाएंगे सारे कष्ट

आज नाग पंचमी के दिन आजमाएं ये चमत्कारी उपाय, मिट जाएंगे सारे कष्ट

हिन्दू धर्म में नागों की देवताओं के सामान पूजा की जाती है। नाग पंचमी दिन नागों की पूजा का विशेष महत्व होता है। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन नागों की पूजा करने से सभी इच्छाएं निश्चय ही पूरी होती हैं। समस्त भय संकट दूर होते हैं। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने के साथ कुछ उपायों को करने से भगवान शिव की कृपा मिलती है। आइये आपको बताते हैं उन उपायों के बारे में जिनसे आपके जीवन में खुशियां आएंगी..

1. नाग पंचमी के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे मिटटी के बर्तन में दूध रखने से नाग देवता  प्रसन्न होते है, काल सर्प दोष निश्चय ही दूर होता है, जीवन से अस्थिरताएँ दूर होती है।

2. ध्यान रहे कि नागपंचमी के दिन धरती पर हल चलाना, धरती खोदना मना है। देश के बहुत से भागों में इस दिन सुई धागे से किसी तरह की सिलाई भी नहीं की जाती है।

3. नाग पंचमी  के दिन नागों के 5 पौराणिक “अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक व पिंगल” के नामों का कम से कम 21 बार अवश्य ही उच्चारण करें ।

4. नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का अभिषेक करते हुए चांदी के नाग नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ा दें फिर अभिषेक की समाप्ति पर उसे ताम्बे के पात्र में विसर्जित कर, उस पात्र को अभिषेक कराने वाले पंडित को दान में दे दें , इससे काल सर्पदोष  में बहुत ज्यादा राहत मिलती है।

5. नाग पंचमी  एवं प्रत्येक माह के दोनों पक्षो की पंचमी के दिन “ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा” मन्त्र का जाप अवश्य ही करें। इससे काल सर्प दोष  के दुष्प्रभाव में कमी होती है ।

6. नाग पंचमी  के दिन अधिक से अधिक ‘ॐ नागदेवतायै नम:’ मन्त्र का जाप करें इससे भगवान शिव और नाग देवता प्रसन्न होते है।

7. नाग पंचमी  के दिन नागदेव की सुगंधित पुष्प व चंदन से ही पूजा करनी चाहिए क्योंकि नागदेव को सुगंध बहुत प्रिय है, इससे नाग देवता प्रसन्न होते हैं और काल सर्प दोष में कमी आती है।

8. नाग पंचमी  के दिन 11 नारियल बहते हुए पानी में प्रवाहित करें, इससे काल सर्प दोष से अवश्य ही मुक्ति मिलती है, कार्यों में सफलता मिलने के योग बनने लगते है, जीवन में चली आ रही अस्थिरतायें दूर होती है।

9. जिस भी जातक पर काल सर्प दोष  हो उसे कभी भी नाग की आकृति वाली अंगूठी को नहीं पहनना चाहिए ।

10. नाग पंचमी के दिन महामृत्युंज्य मंत्र का जाप करें।

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