अश्विन की सलाह, ‘अगर गेंद फेंकने से पहले क्रीज छोड़े नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज, तो रन होना चाहिए अस्वीकृत’

अश्विन की सलाह, ‘अगर गेंद फेंकने से पहले क्रीज छोड़े नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज, तो रन होना चाहिए अस्वीकृत’

भारत के शीर्ष स्पिनर रविचंद्रन अश्विन चाहते हैं कि गेंदबाजी छोर पर खड़ा बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले कितना अधिक बाहर निकल रहा है इसे तकनीक की मदद से देखा जाए क्योंकि इससे बल्लेबाजी टीम को अनुचित फायदा मिलता है।

अश्विन ने सुझाव दिया है कि गेंदबाज के आगे के पैर की नो बॉल पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक का प्रयोग गेंदबाजी छोड़ पर खड़े बल्लेबाज को देखने के लिए भी किया जाएगा कि वह गेंदबाज के क्रीज पर पहुंचने से पहले ही तो आगे नहीं निकल रहा।

गेंद फेंकने से पहले क्रीज से बाहर निकले बल्लेबाज तो रन हो अस्वीकृत: अश्विन

अश्विन ने कई ट्वीट करते हुए अपना नजरिया रखा। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद करता हूं कि तकनीक का इस्तेमाल यह देखने के लिए किया जाए कि क्या गेंदबाजी छोर पर बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले क्रीज से बाहर निकल रहा है और वह जब भी ऐसा करे रन को अस्वीकृत किया जाए।’’

अश्विन हमेशा से ‘मांकडिंग’ के बड़े समर्थक रहे हैं और पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए उनके जोस बटलर को इस तरह से आउट करने के तरीके ने सुर्खियां बटोरी थी।

गेंदबाजी छोर पर गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले अगर उस छोर पर खड़ा बल्लेबाज बाहर क्रीज से बाहर निकल जाता है और गेंदबाज उसे रन आउट कर देता है तो इसे ‘मांकडिंग’ कहते हैं। अश्विन ने लिखा, ‘‘आप लोगों में से अधिकतर को यहां असमानता नजर नहीं आएगी इसलिए मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के अनुसार इसे स्पष्ट करने का प्रयास करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर गेंदबाजी छोर पर खड़ा बल्लेबाज दो फीट तक बाहर निकल जाता है और दो रन लेने में सफल रहता है तो अगली गेंद पर पहले वाला बल्लेबाज ही स्ट्राइक पर होगा।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘उसी बल्लेबाज के दोबारा स्ट्राइक पर आने से अगली गेंद पर चौका या छक्का लग सकता है और अंतत: मैं सात रन अधिक दे दूंगा जबकि दूसरे बल्लेबाज को गेंदबाजी करने पर एक रन देने या खाली गेंद फेंकने की संभावना हो सकती थी। यह उस बल्लेबाज के लिए भी काफी मायने रखता है जो स्ट्राइक से हटना चाहता है, टेस्ट मैच में भी।’’

अश्विन ने कहा कि यह खेल में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन स्थापित करने से जुड़ा है जो अभी बल्लेबाजों के पक्ष में है। उन्होंने कहा, ‘‘संतुलन बरकरार करने का समय आ गया है क्योंकि गेंदबाजों के लिए स्थिति काफी कड़ी है।’’ अश्विन का मानना है कि तकनीक अड़चन पैदा नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम उसी तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं जिसका प्रस्ताव हमने टी20 मैच में 120 गेंदों को देखने के लिए दिया है।’’

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