आज है तुलसीदास जयंती और सावन सोमवार व्रत, जानें कब है पुत्रदा एकादशी एवं शनि प्रदोष

आज है तुलसीदास जयंती और सावन सोमवार व्रत, जानें कब है पुत्रदा एकादशी एवं शनि प्रदोष

आज से सावन माह का अंतिम सप्ताह प्रारंभ हो रहा है। आज शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज के दिन सावन का चौथा सोमवार और रामचरितमानस जैसी अमर कृति रचने वाले कवि तुलसीदास की जयंती है। इस सप्ता​ह में सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत, पुत्रदा एकादशी, वर लक्ष्मी व्रत, दामोदर द्वादशी एवं शनि प्रदोष व्रत आने वाले हैं। आइए जानते हैं कि ये सभी व्रत एवं त्योहर किस दिन और किस तारीख को पड़ेंगे।

सप्ताह के व्रत एवं त्योहार

27 जुलाई: दिन- सोमवार: गोस्वामी तुलसीदास जयंती, सावन का चौथा सोमवार व्रत और मासिक दुर्गाष्टमी।

गोस्वामी तुलसीदास जयंती 2020: गोस्वामी तुलसीदास का जन्म श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को विक्रम संवत 1554 को हुआ था। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर में मां हुलसी ने उनको जन्म दिया था।

सावन का चौथा सोमवार व्रत 2020: आज सावन मास का चौथा सोमवार व्रत है। आज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जिन लोगों के विवाह में कोई बाधा आ रही है या देरी हो रही है, तो सावन सोमवार का व्रत करने से वह दूर हो जाता है।

28 जुलाई: दिन- मंगलवार: सावन का चौथा और अंतिम मंगला गौरी व्रत।

मंगला गौरी व्रत 2020: इस वर्ष के सावन मास का अंतिम मंगला गौरी व्रत 28 जुलाई को है। इस दिन सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य के आशीर्वाद के लिए मंगला गौरी का व्रत रखती हैं। माता मंगला गौरी की पूजा कर उनको सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं। इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन की परेशानियों का भी निवारण होता है।

30 जुलाई: दिन- गुरुवार: पुत्रदा एकादशी।

पुत्रदा एकादशी 2020: सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है, जो इस वर्ष 30 जुलाई को पड़ रही है। संतान प्राप्ति के उद्देश्य से इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आज के दिन कुछ लोग भगवान श्रीकृष्ण की भी आराधना करते हैं।

31 जुलाई: दिन- शुक्रवार: वर लक्ष्मी व्रत और दामोदर द्वादशी।

वर लक्ष्मी व्रत 2020: वर लक्ष्मी व्रत धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी के लिए होता है। वर लक्ष्मी महालक्ष्मी का ही रूप हैं। इस बार वर लक्ष्मी व्रत 31 जुलाई को है। माता लक्ष्मी अपने भक्तों को वरदान देती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं, इसलिए उनको वर लक्ष्मी कहा गया है।

01 अगस्त: दिन- शनिवार: सावन का दूसरा प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी।

सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 2020: सावन मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 01 अगस्त दिन शनिवार को है। इस दिन शनि त्रयोदशी है।
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